लगातार बारिश से ब्रह्मसारी व झिनखिनी में मकान क्षतिग्रस्त, पेड़ गिरने से

लगातार बारिश से ब्रह्मसारी व झिनखिनी में मकान क्षतिग्रस्त, पेड़ गिरने से हुआ नुकसान एसडीएम खजनी कुणाल रस्तोगी ने मौके का लिया जायजा, पीड़ितों को हरसंभव सरकारी राहत दिलाने का भरोसा बेलघाट/गोरखपुर। लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते ग्राम पंचायत ब्रह्मसारी और झिनखिनी क्षेत्र में कई लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है। बारिश के कारण कहीं मकान के ऊपर पेड़ गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया तो कहीं कच्ची मड़ई गिर गई। घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सहायता दिलाने का भरोसा दिया। ग्राम पंचायत ब्रह्मसारी में बारिश के कारण चंदा पत्नी रामतीर्थ, इसरावती पत्नी रामानंद तथा समसूदीन पुत्र बिस्मिल्लाह के मकान/मड़ई को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। वहीं ग्राम पंचायत झिनखिनी की हरिजन बस्ती में भी बारिश के दौरान पेड़ गिरने से कुछ लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। मामले की सूचना मिलने के बाद उप जिलाधिकारी खजनी एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुणाल रस्तोगी मौके पर पहुंचे। इस दौरान केके दुबे भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से जानकारी ली और नुकसान का जायजा लिया। एसडीएम ने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन की ओर से नियमानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रिंस कुमार श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त मकानों तथा हुए नुकसान की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों एवं लेखपाल को अवगत कराया। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवारों का स्थलीय सत्यापन कराकर शासन की ओर से मिलने वाली राहत एवं अनुदान दिलाने की मांग की है। प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि झिनखिनी की हरिजन बस्ती में पेड़ गिरने से मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है। मौके पर एसडीएम एवं तहसीलदार को भी बुलाकर पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सरकारी सहायता दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच पूरी होने के बाद पात्र परिवारों को जल्द राहत मिल सकेगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि ग्राम पंचायत में बारिश के कारण किसी का मकान गिरा है, मड़ई क्षतिग्रस्त हुई है या पेड़ गिरने से किसी परिवार को नुकसान हुआ है, तो इसकी सूचना ग्राम पंचायत प्रतिनिधि या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय से स्थलीय जांच कराकर नियमानुसार सरकारी राहत दिलाने की कार्रवाई की जा सके।भोला गौड़ की रिपोर्ट