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Deoriaलगभग १ घंटा पहले

देवरिया ब्यूरो भाटपार रानी तहसील के बनकटा थाना क्षेत्र का है यह

देवरिया ब्यूरो भाटपार रानी तहसील के बनकटा थाना क्षेत्र का है यह मामला, पढ़िए नेक्स्ट अपडेट पीड़िता फातिमा बेगम पत्नी इकबाल अहमद निवासी सोहनपुर थाना बनकटा तहसील भाटपार रानी जनपद देवरिया ने विगत एक वर्ष से थाने से लेकर मुख्यमंत्री दरबार तक अपनी जन शिकायत लेकर दौड़ रही है। परंतु इस सरकार में न्याय मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। यह आरोप पीड़िता फातिमा बेगम पत्नी इकबाल ने मीडिया के समक्ष रखा कि मेरे पति का इंतकाल हो चुका है, मै पहली शादी से उनकी प्रथम पत्नी हूं, मेरा एक ही लड़का है जो परिवार सहित बाहर रहता है, मेरे पति बगैर मेरे रजामंदी के दूसरी शादी कर लिए दूसरी पत्नी का नाम नरगिस खातून है। जिससे चार लड़के हैं। जो क्रमशः इरफान, इमरान, जैस, कैश अहमद, पुत्रगण, इकबाल अहमद है। मेरे पति अपने जीते जी पैतृक संपत्ति को दो हिस्से में बांट दिए। जिसमें हर जगह एक बटा दो हिस्सा हम पीड़िता का बनता है। पति के मृत्यु उपरांत संपूर्ण चल और अचल पैतृक संपत्ति में नाम दर्ज हो जाने के बाद मैं अपने हक और हिस्से की जमीन पर काबिज दाखिल हूं।विदित हो की दूसरी पत्नी नरगिस खातून सर्कस बाज एवं मनबढ किस्म की महिला है। इनकी पहुंच क्षेत्र के अपराधिक किस्म के व्यक्तियों से है, वही इनके चारों पुत्र भी आपराधिक किस्म के लोगों के साथ हर मामले में संलिप्त रहते हैं। सोहनपुर चौराहे पर स्थित अपने मकान के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगवाए हुए हैं। जिससे आसानी से यह लोग गैर कानूनी कार्य करने में सफल हो जाते हैं। मौके पर जब पुलिस गश्त करती हैं। या प्रशासन का कोई आला अधिकारी का दौरा करता है। तो उतनी देर के लिए यह अपना गैर कानूनी कार्य बंद कर देते हैं। सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से रोड पर आने जाने वाले लोगों की सारी सूचनाएं सीसीटीवी कैमरे से पता चल जाता है, जिसमें आसानी से वह अपने नाजायज कार्यों को पचाने में सफल हो जाते हैं, इसी क्रम में मुझे अवगत कराना है कि सोहरपुर चौराहे पर मेरी पैत्रिक मकान वह जमीन है, जिसमें हम पीड़िता का हिस्सा है। मेरे हिस्से की मकान एवं जमीन में जबरदस्ती गुंडो के बल पर नरगिस खातून एवं उसके पुत्रों द्वारा अनाधिकृत तरीके से गुडई के बल पर दलबल के साथ मेरे हक और हिस्से की जमीन को कब्जा करने की चेष्टा कर रही है। मेरे द्वारा मना करने पर आमादा फौजदारी पर उतारू हो रही है, इस प्रकरण को लेकर मेरे द्वारा थाना से लेकर तहसील तक, ब्लॉक से लेकर जिला तक, जिले से लेकर कमिश्नरी तक, कमिश्नरी से लेकर मुख्यमंत्री तक, मैं न्याय पाने के लिए चक्कर लगाते लगाते थक चुकी हूं परंतु मेरी एक भी सुनवाई नहीं हो रही है। मैं काफी वृद्ध हो चुकी हूं। मेरे पास रहने का मात्र यही एक ठिकाना है। जिसको जबरदस्ती इन लोगों के द्वारा कब्जा करके मुझे बेदखल किया जा रहा है। मुझे ऐसा भी प्रतीक हो रहा है कि मैं इस मकान में अकेले रहती हूं, यह लोग स्थानीय पुलिस के सहयोग से कभी भी मेरी हत्या भी करा सकते हैं। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्थानीय थाने की होगी, इस मामले को लेकर जब भी मैं बनकटा थाने पर जाती हूं। तो वहां के पुलिस के आल्हा अधिकारी मुझे यही कहते हैं, कि दादी मां अब आपका समय खत्म हो चुका है। चुपचाप इधर-उधर अपना समय काटिए आपसे कुछ होने जाने वाला नहीं है उन लोगों को चैन से रहने दीजिए। इसको सुनकर मैं काफी सदमे में हो गई हू। एसडीएम भाटपार रानी कोर्ट ने एक आदेश जारी किया है जिसमें स्पष्ट आदेश है कि जब तक दीवानी न्यायालय में मुकदमा लंबित है। तब तक दोनों पक्ष किसी तरीके का निर्माण कार्य न करें वहीं पुलिस को हिदायत दिया गया है। कि दोनों पक्षों को पाबंद किया जाए जिससे भविष्य में दोनों पक्षों के बीच कोई अनहोनी घटना न घटित हो पावे इसके बावजूद भी वह मनबढ महिला अपने पुत्रों एवं क्षेत्र के गुंडो के साथ जबरदस्ती मेरे हक और हिस्से की जमीन को कब्जा करने के फिराक में है। साथ ही रात के समय में तिरपाल एवं प्लास्टिक डालकर रात के समय में मकान का निर्माण कार्य किया जा रहा है वहीं बनकटा थाने की 112 नंबर की पुलिस भी उसकी भरपूर मदद कर रही है। मैं अपने शिकायती प्रार्थना पत्र के माध्यम से यही कहना चाहूंगी कि किसी भी कीमत पर हो रहे अवैध निर्माण कार्य को रोका जाए। जिससे मैं अपने हक और हिस्से की मकान एवं जमीन को उपयोग में ले सकूं। आशा विश्वास है कि मुझे प्रशासन द्वारा न्याय जरूर मिलेगा।

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