*प्रशासन की नाक के नीचे अंधविश्वास का 'बड़ा खेल': हिंदू के घर
*प्रशासन की नाक के नीचे अंधविश्वास का 'बड़ा खेल': हिंदू के घर बनी मजार, झाड़-फूंक के नाम पर महिलाओं से खिलवाड़ और धर्म परिवर्तन की आशंका।* *दोस्तपुर (सुलतानपुर)।* विज्ञान और तकनीक के इस दौर में भी समाज से अंधविश्वास का अंधेरा छटने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला दोस्तपुर थाना अंतर्गत कैथी जलालपुर हरिजन बस्ती से सामने आया है, जहां राम सुभावन नामक व्यक्ति द्वारा झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के नाम पर सरेआम अंधविश्वास का बाजार गर्म किया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि थाना परिसर से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर यह सब हो रहा है, लेकिन स्थानीय पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक बने बैठे हैं। *भीड़ देख डरे रहते हैं राहगीर, फैलाया जा रहा 'भूत' का खौफ* स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी राम सुभावन खुद हिंदू होते हुए भी अपने घर पर एक मजार जैसी संरचना बनाकर लोगों को गुमराह कर रहा है। झाड़-फूंक के नाम पर यहाँ हर दिन अंधविश्वासी लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है। इस मजमे और वहां होने वाली अजीबोगरीब हरकतों को देखकर रास्ते से गुजरने वाले राहगीर और स्कूली बच्चे सहम जाते हैं। इलाके के भोले-भाले लोगों के मन में 'भूत-प्रेत' का ऐसा खौफ पैदा कर दिया गया है कि लोग वैज्ञानिक उपचार छोड़ इस ढोंग की शरण में जाने को मजबूर हैं। *महिलाओं के साथ मर्यादा की सीमाएं पार, मजार की आड़ में बड़ा 'खेल'* प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों का दावा है कि अंधविश्वास के इस खेल में सबसे ज्यादा निशाना महिलाओं को बनाया जा रहा है। राम सुभावन द्वारा कथित तौर पर 'भूत भगाने' के नाम पर महिलाओं को जमीन पर लिटाया जाता है और उनके साथ अमर्यादित कृत्य किए जाते हैं। *इतना ही नहीं, मामले में एक और बेहद संवेदनशील और गंभीर पहलू सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक:* *धर्म परिवर्तन की साजिश:* मजार पर माथा टेकने और मन्नत मांगने के बहाने लोगों की मानसिकता को धीरे-धीरे बदला जा रहा है, जिससे इलाके में धर्म परिवर्तन जैसा माहौल पनप रहा है। *अवैध कमाई का जरिया:* तंत्र-मंत्र और भूत भगाने के नाम पर पीड़ित परिवारों से मोटी रकम वसूली जा रही है। आस्था और डर की आड़ में यह धंधा लाखों की काली कमाई का जरिया बन चुका है। *हाथ पर हाथ धरे बैठा है दोस्तपुर प्रशासन* स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि दोस्तपुर थाने से मात्र 4 किलोमीटर की दूरी पर इतना बड़ा ढोंग और अवैध गतिविधि का संचालन हो रहा है, लेकिन खाकी ने इस ओर से अपनी आंखें मूंद रखी हैं। कानून व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रहे इस कृत्य पर पुलिस की चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े करती है। *बड़ा सवाल:* क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी या सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का इंतजार कर रहा है? देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद उच्च अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर आरोपी राम सुभावन के खिलाफ क्या सख्त कार्रवाई करते हैं।