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विधि, न्याय और समाज सेवा का गौरवशाली व्यक्तित्व – डॉ. विजय कुमार

विधि, न्याय और समाज सेवा का गौरवशाली व्यक्तित्व – डॉ. विजय कुमार

विधि, न्याय और समाज सेवा का गौरवशाली व्यक्तित्व – डॉ. विजय कुमार सिंह सुल्तानपुर। जनपद सुल्तानपुर के कुड़वार विकासखंड अंतर्गत ग्राम देवलपुर के मूल निवासी एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ के शासकीय अधिवक्ता डॉ. विजय कुमार सिंह (डॉ. वी.के. सिंह) आज विधि जगत के उन प्रतिष्ठित नामों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी विद्वता, ईमानदारी, न्यायप्रियता और समाजसेवा के बल पर एक विशिष्ट पहचान बनाई है। डॉ. विजय कुमार सिंह ऐसे राष्ट्रभक्त परिवार से आते हैं, जहाँ सेवा, संस्कार और देशभक्ति की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। उनके पूज्य पिता एवं बाबा संघ परिवार से जुड़े रहे तथा देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्हीं आदर्शों से प्रेरित होकर डॉ. सिंह ने अपना जीवन न्याय, राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में शासकीय अधिवक्ता के रूप में वे विभिन्न आपराधिक, दीवानी, संवैधानिक, जनहित एवं दुर्घटना दावा (एक्सीडेंट क्लेम) सहित अनेक महत्वपूर्ण मामलों में प्रभावी पैरवी करते हैं। कानून पर उनकी गहरी पकड़, तार्किक सोच और निष्पक्ष कार्यशैली ने उन्हें अधिवक्ता समाज में विशिष्ट सम्मान दिलाया है। व्यस्त न्यायिक दायित्वों के बावजूद डॉ. सिंह अपनी जन्मभूमि और ग्रामीण परिवेश से गहरा लगाव रखते हैं। प्रत्येक शनिवार वे लखनऊ से अपने पैतृक गाँव देवलपुर पहुँचते हैं और ग्रामीणों तथा बचपन के साथियों के बीच समय बिताते हैं। गाँव के विकास, सामाजिक समरसता और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को लेकर उनकी चिंता और सक्रियता उन्हें एक संवेदनशील समाजसेवी के रूप में भी स्थापित करती है। वे विशेष रूप से बेरोजगार युवाओं को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करते हैं तथा उन्हें उचित मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करने का हरसंभव प्रयास करते हैं। उनके लिए समाज सेवा केवल दायित्व नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य है। डॉ. विजय कुमार सिंह का पारिवारिक जीवन भी अनुकरणीय है। उनकी धर्मपत्नी भी इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ में अधिवक्ता हैं। एक पुत्र एवं दो पुत्रियों के पिता डॉ. सिंह ने अपने बच्चों को श्रेष्ठ शिक्षा और संस्कार प्रदान किए हैं। उनके मार्गदर्शन में उनकी दोनों पुत्रियों ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट में आईएससी बोर्ड स्तर पर पूरे भारत में प्रथम स्थान प्राप्त कर परिवार, जनपद और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। डॉ. विजय कुमार सिंह का व्यक्तित्व इस बात का प्रमाण है कि यदि ज्ञान, संस्कार, ईमानदारी और समाज के प्रति समर्पण का समन्वय हो, तो व्यक्ति केवल अपने क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन जाता है। सुल्तानपुर की धरती को अपने इस गौरवशाली सपूत पर गर्व है। विधि, न्याय और समाजसेवा के क्षेत्र में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

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