लखनऊ में विधायक पल्लवी पटेल पर एफआईआर, ट्रेन के इंजन पर चढ़कर

लखनऊ में विधायक पल्लवी पटेल पर एफआईआर, ट्रेन के इंजन पर चढ़कर प्रदर्शन करना पड़ा भारी यूजीसी रेगुलेशन एक्ट-2026 को लागू करने की मांग को लेकर सिराथू से विधायक पल्लवी पटेल ने अपना दल कमेरावादी कार्यकर्ताओं संग लखनऊ के चारबाग स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर प्रदर्शन किया। निरीक्षण यान को रोककर कार्यकर्ताओं संग उसके इंजन पर चढ़ कर उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने किसी तरह उन्हें इंजन से उतारा। इसके बाद वह कार्यकर्ताओं संग स्टेशन से बाहर निकल गईं। शाम को रेलवे अधिनियिम की विभिन्न धाराओं में डॉ. पल्लवी पटेल सहित अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। यूजीसी रेगुलेशन एक्ट-2026 को लागू करने की मांग को लेकर डॉ. पल्लवी पटेल सैकड़ों कार्यकर्ताओं संग विधानसभा का घेराव करने वाली थीं। इसके लिए अलग-अलग जिलों से अपना दल कमेरावादी के कार्यकर्ता शनिवार दोपहर में चारबाग स्टेशन पर पहुंचे। यहां से विधानसभा कूच करते वक्त उन्हें पुलिस ने रोक लिया। इस पर स्टेशन के बाहर ही कार्यकर्ता नारेबाजी और प्रदर्शन करने लगे। इस बीच, अचानक डॉ. पल्लवी पटेल स्टेशन के अंदर जाने लगीं, पीछे-पीछे कार्यकर्ता भी चल दिए। पुलिस के रोकते-रोकते वह कार्यकर्ताओं संग प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंच गई। वहां आए निरीक्षण यान को रोक उसके इंजन पर चढ़कर प्रदर्शन करने लगीं। कुछ कार्यकर्ता इंजन के सामने ट्रैक पर खड़े हो गए तो कुछ लेट गए, जिससे रेल का चक्का जाम हो गया। आरपीएफ, जीआरपी और लोकल पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें नीचे उतारा। इन आरोपों में दर्ज हुआ केस आरपीएफ थाना चारबाग प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि डॉ. पल्लवी पटेल और अज्ञात के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बिना अधिकार रेलवे परिसर में प्रवेश, प्लेटफार्म पर पहुंच कर न्यूसेंस क्रिएट करना, अनाधिकृत रूप से रेल के इंजन पर चढ़ना, यात्रियों को परेशानी में डालना सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ है। पुलिस से झड़प, कई हिरासत में लिए चारबाग स्टेशन के अंदर जाते ही पल्लवी पटेल और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो वह उनसे उलझ गईं। कार्यकर्ता भी पुलिस से उलझने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के घेरे को तोड़ते हुए वह कार्यकर्ताओं संग स्टेशन की तरफ निकल गईं। पीछे-पीछे पुलिस के अधिकारी और जवान उन्हें रोकने के लिए भागे, लेकिन रोक नहीं सके। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में ले लिया। उन्हें बसों में भर कर इको गार्डन पहुंचाया। बताया जाता है कि हिरासत में लिए गए सभी कार्यकर्ताओं को शाम को छोड़ दिया गया।