36 दिनों से जारी हड़ताल के बीच आशा वर्करों ने बांसगांव सीएचसी पर आयोजित की जन पंचायत

36 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के क्रम में आज 20 जनवरी 2026 को बांसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बांसगांव एवं कौड़ीराम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़ी आशा वर्करों ने जन पंचायत का आयोजन किया। जन पंचायत के माध्यम से आशा वर्करों ने अपनी जायज़ मांगों के समर्थन में आम जनता से सहयोग और एकजुटता की अपील की। जन पंचायत को संबोधित करते हुए भाकपा(माले) के जिला सचिव राकेश सिंह ने कहा कि आशा वर्कर देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार उनके साथ लगातार अन्यायपूर्ण व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में आशा वर्करों के लिए रिटायरमेंट के बाद सम्मानजनक जीवन-यापन हेतु फंड की व्यवस्था है और न्यूनतम जीवन-यापन योग्य मानदेय दिया जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश में आशा वर्करों को मात्र दो हजार रुपये के मानदेय पर चौबीसों घंटे काम करने को मजबूर किया जा रहा है। यह स्थिति घोर शोषण और असमानता को दर्शाती है। जन पंचायत को अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन की नेता पुष्पा चौहान, किसान नेता एवं बांसगांव प्रभारी प्रभुनाथ सिंह ने भी संबोधित किया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश आशा वर्कर यूनियन की गोरखपुर संघर्ष समिति की सदस्य पुष्पा राय, मालती कासौधन, अंजू विश्वकर्मा, अर्चना शुक्ला, प्रेमशीला एवं नीरज मिश्रा ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि 36 दिनों से जारी यह हड़ताल सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है। आशा वर्कर सम्मानजनक मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और रिटायरमेंट लाभ की मांग को लेकर मजबूती से संघर्ष कर रही हैं और जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा। जन पंचायत के माध्यम से आम जनता से आशा वर्करों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष के समर्थन की अपील की गई।