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Anup Singh Rudrapur
Deoriaलगभग २ घंटे पहले

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकथाम को चला जागरूकता अभियान, प्रशासन ने

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकथाम को चला जागरूकता अभियान, प्रशासन ने

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकथाम को चला जागरूकता अभियान, प्रशासन ने दिलाई शपथ देवरिया । दिनांक को देवरिया सदर तहसील में आयोजित समाधान दिवस के अवसर पर अक्षय तृतीया के मद्देनज़र संभावित बाल विवाह की रोकथाम, प्रचार-प्रसार एवं प्रतिबंध को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने बाल विवाह के खिलाफ सख्त संदेश देते हुए लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान वन स्टॉप सेंटर की मनोवैज्ञानिक मीनू जायसवाल ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह कराना या करवाना दंडनीय अपराध है। इसमें दोषी पाए जाने पर 1 लाख रुपये तक जुर्माना और 2 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। उन्होंने यह भी बताया कि बाल विवाह करना या करवाना संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है। इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस 112, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी (CMPO), बाल कल्याण समिति, जिला मजिस्ट्रेट, न्यायालय, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को दी जा सकती है। जिलाधिकारी महोदया ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई और जनपद को बाल विवाह मुक्त बनाने की अपील की। वहीं, जिला प्रोबेशन अधिकारी ने आम जनता, धार्मिक गुरुओं, विवाह स्थल संचालकों, समाजसेवियों, शैक्षणिक संस्थानों एवं सभी नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी 18 वर्ष से कम आयु की लड़की या 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह हो रहा हो, तो तत्काल इसकी सूचना संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर दें। कार्यक्रम के अंत में जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी जय प्रकाश तिवारी ने आभार व्यक्त करते हुए बाल विवाह से जुड़े नियमों और प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी नगर, सभी खंड विकास अधिकारी, थाना प्रभारी, महिला कल्याण विभाग की टीम सहित कई अधिकारी, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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