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Lucknowलगभग २ घंटे पहले

वाराणसी में जलभराव पर योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, लापरवाह अधिशासी अभियंता

वाराणसी में जलभराव पर योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, लापरवाह अधिशासी अभियंता निलंबित 3-4 सितंबर को चौकाघाट और गोईठहां में पंप बंद रखने से हुआ था जलभराव, नगर विकास मंत्री ने जताई थी नाराजगी लखनऊ, 14 सितंबर। वाराणसी में जलभराव की समस्या पर योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। जनसुविधाओं में लापरवाही बरतने पर उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के निर्माण खंड में तैनात अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ यूपी सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 के तहत अनुशासनिक जांच भी बैठा दी गई है। नगर विकास विभाग के अनुसार, इस प्रकरण में मुख्य अभियंता (क्रय), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) लखनऊ को पदेन जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। *जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही* प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन पर नदी के बैकफ्लो को रोकने के लिए आवश्यक गेट/बैरियर लगाने का आकलन और कार्ययोजना तैयार नहीं की गई थी। उच्चाधिकारियों के निर्देशों का भी पालन नहीं किया गया। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि 3 और 4 सितंबर को भारी बारिश के दौरान चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन और गोईठहां एसटीपी पर पंप बंद रखे गए। समय से पंपों का संचालन न होने से सीवर लाइनों पर अत्यधिक लोड पड़ा और शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। *मंत्री के दौरे के बाद हुई कार्रवाई* बता दें कि नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने 12 और 13 सितंबर को वाराणसी दौरे के दौरान जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया था। उन्होंने जल निकासी युद्धस्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। फिलहाल निलंबन अवधि में अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को मुख्य अभियंता (कानपुर क्षेत्र), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), कानपुर कार्यालय से संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

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