संस्कृति, प्रकृति,ज्ञान और मानवता को जोड़ता है पर्यटन प्रो विनय सिंह

चौरी चौरा गोरखपुर। पर्यटन सिर्फ यात्रा नहीं बल्कि संस्कृति, प्रकृति, ज्ञान, और मानवता को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। अपनी विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत विकास और नए अवसर सृजित करने का है। विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर 2026 की थीम "पर्यटन के पुनर्रूपांकन में डिजिटल एजेंडा और AI की भूमिका" है। इसका मुख्य उद्देश्य AI का उपयोग करके यात्रा अनुभव, पर्यटन सेवा, समावेशिता,रोजगार के अवसर, भारतीय प्राकृतिक विविधता, आर्थिक योगदान और भविष्य की संभावनाएं निहित है। उक्त बातें दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्राणि विज्ञान के वरिष्ठ आचार्य प्रो.विनय कुमार सिंह ने कहीं।वो स्थानीय शहीद बंधू सिंह महाविद्यालय के भूगोल विभाग में विश्व पर्यटन दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि भारत की दृष्टि से एक ही देश में हिमालय, समुद्र तट, रेगिस्तान, जंगल, 44+ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, आध्यात्मिक स्थल (चारधाम, अयोध्या, वाराणसी, बौद्ध सर्किट आदि), आयुर्वेद-योग-वेलनेस, एडवेंचर, मेडिकल टूरिज्म और सांस्कृतिक अनुभव का वैविध्य है। इससे पूर्व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. यू.पी.सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।भूगोल विभाग के प्रभारी वरिष्ठ आचार्य अरविंद मौर्य एवं सुश्री साक्षी त्रिपाठी ने अतिथि का पारंपरिक अभिनदंन करते हुए।मंच पर आमंत्रित किया। इस अवसर पर भूगोल विभाग के समस्त विद्यार्थियों सहित सभी शिक्षक शिक्षिकाओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल कुमार सिंह ने किया।