सुल्तानपुर के ठठेरी बाजार में नजूल भूमि पर अवैध निर्माण! प्रशासन मौन,
सुल्तानपुर के ठठेरी बाजार में नजूल भूमि पर अवैध निर्माण! प्रशासन मौन, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल सूत्र के हवाले से शहर के ठठेरी बाजार में बड़ी दुर्गा मंदिर के बगल स्थित नजूल भूमि पर कथित रूप से बिना नक्शा पास कराए आलोक बरनवाल और उमंग बरनवाल द्वारा अवैध निर्माण कार्य धड़ल्ले से कराया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह निर्माण कार्य प्रशासन की नाक के नीचे लगातार जारी है, लेकिन संबंधित अधिकारी अब तक मौन साधे हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस भूमि पर निर्माण हो रहा है वह नजूल भूमि की श्रेणी में आती है। ऐसे में किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण कराने से पहले संबंधित विभाग से अनुमति और नक्शा स्वीकृत होना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी रहना कई सवाल खड़े कर रहा है। *सबसे ज्यादा सवाल विनियमित क्षेत्र के जेई से वहीं उस क्षेत्र के लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की भूमिका पर उठ रहे हैं* । चर्चा है कि बिना अधिकारियों की जानकारी या मिलीभगत के इतने प्रमुख स्थान पर निर्माण संभव नहीं है। अगर निर्माण नियमों के विरुद्ध है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? *नियम क्या कहते हैं?* नजूल भूमि (सरकारी भूमि) पर बिना अनुमति कब्जा या निर्माण अवैध माना जाता है। निर्माण से पहले संबंधित विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण/नगरपालिका से नक्शा पास कराना आवश्यक है। बिना स्वीकृति निर्माण पाए जाने पर प्रशासन को निर्माण कार्य तत्काल रुकवाना चाहिए नोटिस जारी करना चाहिए अवैध निर्माण ध्वस्त कराया जा सकता है *सरकारी भूमि कब्जाने पर राजस्व एवं दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है* *क्या होनी चाहिए कार्रवाई?* तत्काल निर्माण स्थल की जांच संबंधित लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की भूमिका की जांच यदि भूमि नजूल है तो निर्माण कार्य पर तत्काल रोक दोषी पाए जाने पर निर्माणकर्ता और संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई *अब बड़ा सवाल यह है कि जब खुलेआम सरकारी भूमि पर निर्माण हो रहा है, तो क्या प्रशासन कार्रवाई करेगा या जिम्मेदार अधिकारी इसी तरह चुप्पी साधे रहेंगे?* जनता की नजर अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।