बांसगांव में रामनवमी पर निभाई गई सदियों पुरानी परंपरा, मां दुर्गा को रक्त अर्पित करने पहुंचे श्रीनेत वंशीय क्षत्रिय

बांसगांव (गोरखपुर), बांसगांव संदेश। रामनवमी के अवसर पर बांसगांव के दुर्गा मंदिर में श्रीनेत वंशीय क्षत्रियों की सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया गया। इस परंपरा के तहत श्रद्धालु अपने शरीर के नौ अलग-अलग स्थानों से रक्त निकालकर मां दुर्गा के चरणों में अर्पित करते हैं। इस आयोजन में दूर-दराज के शहरों में रहने वाले श्रीनेत वंशीय परिवारों के लोग भी शामिल होने पहुंचते हैं। गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम सिंह ने बताया कि यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और आपसी मेल-मिलाप का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि पहले यहां पशुबलि की परंपरा थी, जिसे युग निर्माण योजना के संस्थापक पं. रामचंद्र शर्मा के प्रयासों से समाप्त कराया गया। इसमें पूर्व सांसद स्वर्गीय हर्षवर्धन के पिता स्वर्गीय योगेंद्र सिंह की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह आयोजन क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का माध्यम माना जाता है। जय मां दुर्गा!