लखनऊ में सफाई कर्मचारियों का हल्लाबोल: LSA प्रबंधन पर उत्पीड़न और सैलरी

लखनऊ में सफाई कर्मचारियों का हल्लाबोल: LSA प्रबंधन पर उत्पीड़न और सैलरी से 2-3 हजार काटने का आरोप, जोन-3 के 19 वार्डों में काम ठप *लखनऊ।* राजधानी लखनऊ के पुरनिया में सफाई कर्मचारियों ने निजी कंपनी LSA के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने प्रबंधन पर उत्पीड़न और वेतन में कटौती का आरोप लगाते हुए काम बंद कर दिया है। विरोध के चलते जोन-3 के 19 वार्डों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। *क्या है आरोप?* कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें समय पर सैलरी नहीं दी जा रही है। सफाई कर्मचारी से लेकर सुपरवाइजर तक सभी परेशान हैं। कई बार LSA प्रबंधन से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कर्मचारी नेता दीपू ने बताया कि कर्मचारियों की मेहनत से शहर साफ हो रहा है, लेकिन उन्हीं के साथ गलत व्यवहार हो रहा है। आरोप है कि सैलरी आने के बाद उसमें से जबरन 2 से 3 हजार रुपये तक काट लिए जाते हैं। एटीएम तक मांग लिया जाता है और कहा जाता है कि पैसे निकालकर बाकी रकम उन्हें दे दी जाएगी। *नगर निगम अधिकारियों से मिलीभगत का आरोप* कर्मचारियों का आरोप है कि इस उत्पीड़न की शिकायत लगातार की जा रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। लेबर लॉ के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। कंपनी की ओर से पर्याप्त संसाधन नहीं दिए जा रहे हैं, फिर भी काम कराया जा रहा है। सफाई कर्मी रेशमा ने बताया कि कर्मचारी सुबह 4 बजे आकर अंगूठा लगाकर हाजिरी दर्ज करते हैं, लेकिन जाने का कोई तय समय नहीं है। दो महीने हो जाते हैं, लेकिन सैलरी समय पर नहीं मिलती। *9 सितंबर को मुख्यालय पर भी किया था प्रदर्शन* इससे पहले 9 सितंबर को जोन-3 के फैजुल्लागंज तृतीय वार्ड के कर्मचारियों ने नगर निगम मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया था। कर्मचारी नेता अर्जुन ने आरोप लगाया था कि LSA के HR वैभव त्रिपाठी और जोनल अधिकारी पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराते। कर्मचारियों से काम तो लिया जाता है, लेकिन ट्रैक्टर, ट्रॉली और लोडर में ड्राइवर तक की व्यवस्था ठीक नहीं है। इससे पार्षदों की बदनामी होती है। अर्जुन का सीधा आरोप है कि वैभव त्रिपाठी और जोनल अधिकारी हर कर्मचारी से 2-3 हजार रुपये दिलाने का दबाव बनाते हैं और न देने पर हटाने की धमकी देते हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।