सरकारी इंटरलॉकिंग मार्ग पर अतिक्रमण, फर्जी निस्तारण का आरोप

सरकारी इंटरलॉकिंग मार्ग पर अतिक्रमण, फर्जी निस्तारण का आरोप तथ्य दबाकर बंद किया गया प्रकरण, समाधान दिवस में फिर गूंजा मामला रुद्रपुर (देवरिया)। तहसील रुद्रपुर में शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस में ग्राम सभा रामचक स्थित सरकारी धन से निर्मित इंटरलॉकिंग सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण का गंभीर मामला एक बार फिर प्रशासन के सामने आ खड़ा हुआ। समाधान दिवस की सुनवाई के दौरान पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक जयप्रकाश निषाद, उपजिलाधिकारी (न्यायिक) नम्रता सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में इस प्रकरण को दोबारा उठाया गया। प्रार्थी राणाप्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि पूर्व समाधान दिवस में दिए गए आवेदन पर लेखपाल द्वारा की गई स्थलीय जांच केवल कागजी खानापूर्ति रही। मौके की वास्तविक स्थिति को दरकिनार कर तथ्यविरुद्ध रिपोर्ट लगाई गई और अतिक्रमण जस का तस रहने के बावजूद प्रकरण को निस्तारित दिखा दिया गया। आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि जिस इंटरलॉकिंग मार्ग पर अतिक्रमण किया गया है, उसका निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा सरकारी धन से कराया गया था। इसके व्यय का विवरण ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से प्राप्त कर प्रमाण स्वरूप संलग्न किया गया है। बावजूद इसके सार्वजनिक मार्ग को निजी कब्जे में लेने पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रार्थी के अनुसार यह मार्ग प्रत्युष विहार विद्यालय के पीछे स्थित है, जहां अतिक्रमण के चलते आपातकालीन निकासी मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो चुका है। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडरा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। प्रार्थी ने तथ्यविरुद्ध रिपोर्ट को निरस्त कर संयुक्त स्थलीय जांच कराने, अविलंब अतिक्रमण हटवाकर सार्वजनिक मार्ग बहाल करने तथा लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन तो दिया है, लेकिन अब देखना यह है कि इस बार कार्रवाई कागजों तक सीमित रहती है या मौके पर भी दिखाई देती है।