*एनएच-330 असुरक्षित,सड़क सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम* *डीएम-एसपी ने सड़क सुरक्षा
*एनएच-330 असुरक्षित,सड़क सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम* *डीएम-एसपी ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए सख्त निर्देश,ब्लैक स्पॉट सुधारने पर जोर* सुलतानपुर। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह एवं पुलिस अधीक्षक चारू निगम की संयुक्त अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और यातायात दबाव को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें ओवरस्पीडिंग,बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन चलाने तथा यातायात नियमों की अनदेखी के कारण हो रही हैं। उन्होंने सभी विभागों को सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।बैठक में डीएम ने खास तौर पर एनएच-330 को असुरक्षित बताते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड, रेडियम साइनेज, रंबल स्ट्रिप और व्हाइट लाइन मार्किंग तत्काल लगाने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा वाहनों और एम्बुलेंस का जीपीएस डेटा उपलब्ध कराने को कहा।डीएम ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के अंडरपास में अंधेरा रहने पर यूपीडा अधिकारियों को फटकार लगाते हुए वहां लाइट व्यवस्था सुनिश्चित करने, टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर बनाने और स्पीड डिटेक्शन डिवाइस लगाने के निर्देश दिए।उन्होंने बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, शराब पीकर वाहन चलाने और मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने वालों के खिलाफ अभियान चलाने के आदेश दिए। नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान को प्रभावी बनाने तथा स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में एआरटीओ, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, यूपीडा, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।