शिक्षित होने के साथ कौशलयुक्त होना जरूरी है*डॉ. नवीन पाण्डेय*
बडहलगंज।स्थानीय महाविद्यालय नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज बड़हलगंज में राष्ट्रीय सेवा योजना के सप्तदिवसीय शिविर के छठवें दिन स्वयंसेवकों ने चयनित ग्राम के प्राथमिक स्कूल, प्रसिद्ध हनुमान मंदिर की साफ-सफाई के साथ श्रमदान किया। साथ ही किसानों से बातचीत कर उन्हें कृषि सम्बन्धी जानकारी दी गयी। बौद्धिकी सत्र में बीएड विभाग के आचार्य डॉ. नवीन पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा हमारी संभावनाओं को वास्तविकता का आकार देती है। वह हमारे भीतर की छिपी हुई प्रतिभा को बाहर निकाल कर उसे परिष्कृत करती है। शिविर इस प्रकार की संभावनाओं को मूर्त देने का एक सशक्त माध्यम है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री पाना नहीं है, बल्कि ज्ञान और कौशल से उसे युक्त भी करना है। अगर शिक्षित व्यक्ति के पास कोई कौशल नहीं है तो वह जीवन के उद्देश्य की पूर्ति में संघर्षरत रहेगा। हमें शिक्षित होने के साथ-साथ किसी कौशल से युक्त होना भी होगा। राजनीतिशास्त्र के आचार्य डॉ. सुधीर कुमार शुक्ल ने अपने उद्बोधन में एन एस एस की उपयोगिता, प्रासंगिकता और उसकी आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उनके अनुसार ऐसे शिविर अनौपचारिक तरीके से हमारा ज्ञानवर्धन करते हैं। हमें कौशल युक्त और आत्मनिर्भर बनाते हैं। एन एस एस हमारे भीतर नेतृत्व की क्षमता, आत्मविश्वास और परिस्थितियों से तालमेल बैठाने की शक्ति और समझ देते हैं। B.Ed के आचार्य डॉ. बृजेश तिवारी ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हर छात्र को ऐसे शिविरों में अवश्य भाग लेना चाहिए। क्योंकि ऐसे शिविर न केवल हमारे ज्ञान की सीमा और कौशल का विस्तार करते हैं, बल्कि पाठ्यक्रम से इतर बहुत कुछ सीखने और सीखाने का अवसर भी देते हैं। कार्यक्रम का संचालन और आभार ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी त्रिपुरेश कुमार त्रिपाठी ने किया।