मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर लगाने पर होगी सख्त कार्रवाई :

मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर लगाने पर होगी सख्त कार्रवाई : प्रियंवदा सिंह। संतकबीरनगर, 17 अप्रैल 2026। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रियंवदा सिंह ने शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद के सभी वाहन डीलरों, मोटर गैराज एवं वर्कशॉप संचालकों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न अथवा हूटर की बिक्री और फिटिंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐसे वाहनों से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 182ए (3) के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस धारा के अंतर्गत मोडिफाइड साइलेंसर या अन्य अवैध उपकरण लगाने वाले वर्कशॉप अथवा गैराज संचालकों पर प्रति उपकरण एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस जुर्माने के शमन की शक्ति उप परिवहन आयुक्त एवं उससे ऊपर के अधिकारियों को प्राप्त है। इसके अलावा यदि कोई वाहन स्वामी अपने वाहन में परिवर्तन कर मोडिफाइड साइलेंसर या अन्य ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरण लगाता है, तो उसके विरुद्ध धारा 182ए (4) के तहत कार्रवाई होगी। इस धारा के अंतर्गत वाहन स्वामी को छह माह तक का कारावास अथवा पांच हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर ऐसा वाहन चलाता है जिससे सड़क सुरक्षा, शोर नियंत्रण एवं वायु प्रदूषण मानकों का उल्लंघन होता है, तो उसके खिलाफ धारा 190 (2) के अंतर्गत कार्रवाई होगी। प्रथम अपराध पर संबंधित व्यक्ति को तीन माह तक का कारावास या दस हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों, साथ ही तीन माह के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में संबंधित वाहन चालक या स्वामी पर जुर्माने के साथ-साथ ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा। जिन वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर या ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरण पाए जाएंगे और जिनका चालान किया जाएगा, उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम की धारा 53 (1) के तहत वाहन का पंजीयन प्रमाण-पत्र (RC) निलंबित करने की कार्रवाई प्राथमिकता पर की जाएगी। उन्होंने जनपद के सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर आदि न लगाएं, अन्यथा उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।