लोकायुक्त के आदेश में कूटरचना का आरोप, MRI टेक्नीशियन की सेवा समाप्ति पर उठे सवाल

*लोकायुक्त के आदेश में कूटरचना का आरोप, MRI टेक्नीशियन की सेवा समाप्ति पर उठे सवाल* गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के प्राचार्य डॉ. राम कुमार जायसवाल पर उप लोकायुक्त के आदेश का कथित रूप से गलत हवाला देकर एक MRI टेक्नीशियन की सेवा समाप्त कराने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित गोल्डी यादव ने इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, लोकायुक्त, सीबीआई और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि उप लोकायुक्त उत्तर प्रदेश के पत्र संख्या 728/2025/02/1396 दिनांक 06 फरवरी 2026 में केवल उनकी शैक्षणिक योग्यता संबंधी जानकारी मांगी गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार उक्त पत्र में सेवा समाप्ति का कोई निर्देश नहीं दिया गया था। आरोप है कि इसके बावजूद बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से 28 मार्च 2026 को जारी एक पत्र के माध्यम से आउटसोर्सिंग एजेंसी B.I.S को निर्देश दिया गया कि लोकायुक्त के आदेश के अनुपालन में गोल्डी यादव को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाए। शिकायतकर्ता का कहना है कि एजेंसी ने 31 मार्च 2026 को लिखित रूप से स्वीकार किया कि उसने प्राचार्य के निर्देश के आधार पर उनकी ड्यूटी समाप्त की। मामले से जुड़े दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद और गहरा गया है। कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न्यायिक अभिलेख से संबंधित कूटरचना का गंभीर मामला हो सकता है। हालांकि इस संबंध में किसी सक्षम न्यायालय अथवा जांच एजेंसी द्वारा अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पीड़ित ने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने तथा कार्रवाई की मांग की है। उधर, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।