डाला (सोनभद्र) - चोपन थाना क्षेत्र के सलाईबनवा स्थित निर्माणाधीन सीमेन्ट फैक्ट्री मैं मजदूर ने क्यों किया कार्य का बहिष्कार जानिए पूरी खबर

डाला (सोनभद्र) - चोपन थाना क्षेत्र के सलाईबनवा स्थित निर्माणाधीन सीमेन्ट फैक्ट्री में कार्यरत एक कंपनी अन्तर्गत कार्य करा रहे ठेकेदार के द्वारा लगभग 70 से 80 मजदूरों का दो महीने का मजदूरी बकाया का मामला प्रकाश में आया जिसका भुगतान नहीं होने पर क्षुब्ध होकर मजदूरों ने निर्माणाधीन सीमेंट प्लांट के मुख्य गेट पर पहुंचकर नाराजगी जताते हुए काम बन्द कर विरोध प्रदर्शन करते हुए हड़ताल कर दिया गया । मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को सुबह लगभग आठ बजे बकाया मजदूरी को लेकर कंपनी ठेकेदार के अंतर्गत कार्य कर रहे सभी मजदूर द्वारा निर्माणाधीन सीमेंट कंपनी के मुख्य गेट पर पहुँच कर नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन कर हड़ताल दिया गया। जिसे देख वहीं अन्य मजदूरों ने आईडीएल कंपनी के ठेकेदार पर उनके ही ठेके के अंतर्गत कार्यरत लगभग 100 मजदूरों ने पीएफ नहीं जमा करने का आरोप लगाया और बताया कि ठेकेदार द्वारा हम सभी के पेमेंट से पीएफ के नाम पर पैसा काट लिया जाता है जिसके वावजूद पीएफ खातों में पैसा ठेकेदार द्वारा नहीं किया जाता है जिसके कारण हम सभी मजदूरों के समर्थन में हड़ताल कर रहे हैं । इस दौरान विरोध प्रदर्शन में शंभू चौधरी जयप्रकाश दीपक संतोष दुबे कैलाश नाथ रामबली दीपक कुमार अवधेश यादव विनोद कुमार यादव गोपाल राहुल रामलाल विकास पाल रघुवंश पाल रामलाल सोनू कुमार सुरेंद्र पाल सूरज आलू रेड्डी राजेश भारत रामलाल शिवपूजन कृष्ण कुमार राम जन्म दशरथ राम शिवापूजन ने बताया कि आयुष इंजिनियरिंग में काम करने वाले 70 से 80 मजदूरो का भूगतान पिछले नवम्बर-दिसम्बर महिनों का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है और ठेकेदार हम लोगों को आज- कल कहकर धीरे धीरे दो महिना बीता दिए और फोन से बात भी अब नहीं करते हैं जिसके कारण हम मजदूर भूखमरी के कगार पर आ गये हैं अगर दो दो महीने पेमेंट नहीं मिलेगा तो हम सभी अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करें और बच्चों का स्कूल पीस दवाईयां खाने हेतु राशन कहा से करेंगे। बहुत सारी जिम्मेदारी से होकर गुजरता पड़ता है । निर्माणाधीन सीमेंट कंपनी के द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक एनएलबीटी का पेमेंट किसी कारणवश रूक गया था जिसका निस्तारण हो गया और कार्यरत ठेकेदार के खाते में पेमेंट जा चुका है भुगतान आज संभवतः किया जायेगा और कुछ हड़ताल कर रहे मजदूर भी कार्य पर वापस चलें गए हैं ।