लिंक एक्सप्रेसवे के अंडरपास की झाड़ियों में मिली नवजात बच्ची, इंसानियत की मिसाल बने अशोक साहनी

लिंक एक्सप्रेसवे के अंडरपास की झाड़ियों में मिली नवजात बच्ची, इंसानियत की मिसाल बने अशोक साहनी सुबह टहलने निकले ग्रामीण ने रोने की आवाज सुनकर बचाई बच्ची की जान, पालन-पोषण के लिए अपनाने की जताई इच्छा सिकरीगंज/गोरखपुर। गोरखपुर जिले के सिकरीगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार, 9 अक्टूबर की सुबह मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के धोबौली अंडरपास के नीचे झाड़ियों में कपड़े में लिपटी एक नवजात बच्ची मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर वहां पहुंचे ग्राम सभा धोबौली निवासी अशोक साहनी ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बच्ची को उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अस्पताल पहुंचाया। अशोक साहनी ने बताया कि वह शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे टहलने के लिए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के धोबौली अंडरपास के नीचे से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्हें झाड़ियों से किसी नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में पहुंचकर उन्होंने देखा तो वहां एक नवजात बच्ची पड़ी थी। यह दृश्य देखकर वह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि इतनी छोटी बच्ची का आखिर क्या कसूर था, जिसे इस तरह झाड़ियों में छोड़ दिया गया। जहां लोग संतान की प्राप्ति के लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं, वहीं किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा नवजात को इस हालत में छोड़ देना बेहद दुखद है। बच्ची को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के लिए अशोक साहनी ने तत्काल सिकरीगंज पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा बाजार ले जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसके बाद बच्ची को आगे की देखभाल और सुरक्षा के लिए गोरखपुर स्थित चाइल्ड हेल्थ केयर केंद्र भेज दिया गया। बच्ची को अपनाने की जताई इच्छा इस घटना के बीच अशोक साहनी ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए बच्ची के पालन-पोषण के लिए उसे अपनाने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि वह दो बेटों और दो बेटियों के पिता हैं। इसके बावजूद यदि प्रशासन उन्हें आवश्यक प्रक्रिया के तहत अनुमति और सहयोग प्रदान करता है, तो वह इस बच्ची को अपनाने और उसका पालन-पोषण करने के लिए तैयार हैं। पुलिस ने बच्ची को भेजा चाइल्ड केयर केंद्र इस संबंध में सिकरीगंज थाना अध्यक्ष आशीष कुमार दुबे ने बताया कि नवजात बच्ची की बेहतर देखभाल और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे गोरखपुर स्थित चाइल्ड हेल्थ केयर केंद्र भेज दिया गया है। बच्ची की सुरक्षा और देखभाल के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यह घटना जहां एक ओर समाज को झकझोरती है, वहीं अशोक साहनी की संवेदनशीलता और बच्ची को अपनाने की इच्छा मानवता के प्रति विश्वास भी जगाती है। अब बच्ची के सुरक्षित भविष्य और उचित देखभाल पर सभी की निगाहें टिकी हैं।