सत्य के मार्ग पर चलना ही कलयुग का सबसे बड़ा धर्म :

सत्य के मार्ग पर चलना ही कलयुग का सबसे बड़ा धर्म : संजय शेखर शास्त्री सिकरीगंज क्षेत्र के ग्राम सभा हरेडाड़ में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक पंडित संजय शेखर शास्त्री ने श्रद्धालुओं को धर्म और सत्य का महत्व बताया। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि कलयुग में सत्य ही धर्म का अंतिम और सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि धर्म चार स्तंभों — तप, पवित्रता, दान और सत्य — पर टिका हुआ है। सतयुग में तप, त्रेतायुग में पवित्रता और द्वापर युग में दान का प्रभाव कम हो गया, जबकि कलयुग में केवल सत्य ही धर्म की रक्षा कर रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सत्य को अपनाना चाहिए। पंडित शास्त्री ने कहा कि मनुष्य को उन कार्यों और स्थानों से दूर रहना चाहिए जहां मदिरापान, जुआ, व्यभिचार तथा अन्य अनैतिक गतिविधियां होती हों। उन्होंने कहा कि पाप की कमाई से अर्जित वस्तुएं भी जीवन में अशांति लाती हैं। भागवत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर कथा श्रवण किया और धर्म व सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।