गाजीपुर में डेंगू के 14 मरीज मिले, 13 स्वस्थ होकर लौटे घर

गाजीपुर में डेंगू के 14 मरीज मिले, 13 स्वस्थ होकर लौटे घर महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली समेत अन्य राज्यों से संक्रमण लेकर पहुंचे मरीज; स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी, 5941 लोगों की रैपिड किट से जांच गाजीपुर, 02 सितंबर। जनपद में डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जे.एन. सिंह ने बताया कि इस वर्ष 01 जनवरी से अब तक जनपद में कुल 14 लोगों के डेंगू धनात्मक होने की सूचना प्राप्त हुई है। राहत की बात यह है कि इनमें से 13 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि एक मरीज का उपचार लखनऊ के एक अस्पताल में चल रहा है और उसके स्वास्थ्य में भी सुधार बताया गया है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस वर्ष चिन्हित डेंगू मरीजों में अधिकांश ऐसे लोग हैं, जो गैर राज्यों से संक्रमण लेकर जनपद में पहुंचे। इनमें महाराष्ट्र से छह, गुजरात से तीन, दिल्ली से दो तथा राजस्थान से एक मरीज शामिल है। इसके अतिरिक्त जुलाई माह में दो और मरीजों की सूचना मिली थी। कुल 14 मरीजों में 12 मरीज अगस्त माह में चिन्हित किए गए।अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेज गाजीपुर के डेंगू वार्ड में कोई भी मरीज भर्ती नहीं है। मरीजों के उपचार और निगरानी के लिए मेडिकल कॉलेज में मच्छरदानी युक्त 10 बेड का डेंगू वार्ड क्रियाशील है। इसके अलावा ब्लॉक स्तरीय चिकित्सालयों में कुल 80 मच्छरदानी युक्त बेड उपलब्ध हैं।जनपद के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा मेडिकल कॉलेज गाजीपुर में बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य केंद्रों पर रैपिड किट के माध्यम से लगातार स्क्रीनिंग की जा रही है।स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 5941 मरीजों की रैपिड किट से जांच की जा चुकी है। वहीं मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला में 413 मरीजों की एलाइजा जांच की गई, जिसमें 13 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए। विभाग द्वारा संक्रमित मरीजों की पहचान के साथ ही उनके क्षेत्रों में केस आधारित निरोधात्मक कार्रवाई तत्काल कराई जा रही है।इसके लिए जनपद के सभी ब्लॉकों में रैपिड रिस्पांस टीमों को सक्रिय किया गया है। पॉजिटिव मरीजों के घर और आसपास के क्षेत्रों में मच्छर जनित संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।जिलाधिकारी के निर्देश पर डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंचायतीराज विभाग, नगर विकास विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग और शिक्षा विभाग के साथ नियमित समन्वय किया जा रहा है। मरीजों के क्षेत्रों में साफ-सफाई, जलजमाव की स्थिति समाप्त करने और लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग ने आगामी महीनों को डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील बताया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों के अंदर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। कूलर में जमा पानी को नियमित रूप से निकालते रहें और पानी रखने वाले बर्तनों को ढककर रखें।स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि मच्छरों से बचाव के लिए पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनें और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। बुखार आने पर स्वयं उपचार करने के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर निःशुल्क जांच और उपचार कराएं।अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने जनपदवासियों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि डेंगू की रोकथाम में आमजन की जागरूकता और सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। घरों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने और जलजमाव रोकने से मच्छरों के प्रजनन को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और स्वस्थ रहें।