Bansgaon Sandesh
Login
D
Deoriaलगभग १ घंटा पहले

नेक्स्ट अपडेट न्यूज़ टीम देवरिया, बैतालपुर ब्लाक के लीलापुर सीएचसी की बदहाल

नेक्स्ट अपडेट न्यूज़ टीम देवरिया, बैतालपुर ब्लाक के लीलापुर सीएचसी की बदहाल

नेक्स्ट अपडेट न्यूज़ टीम देवरिया, बैतालपुर ब्लाक के लीलापुर सीएचसी की बदहाल व्यवस्था उजागर: एक्स-रे कक्ष पर ताला, उपकरण ठप, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल देवरिया। जनपद के बैतालपुर ब्लॉक स्थित लीलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत उस समय सामने आई, जब नेक्स्ट अपडेट न्यूज़ मीडिया टीम देवरिया ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई गंभीर खामियां उजागर हुईं, जिससे प्रदेश सरकार की बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नेक्स्ट अपडेट न्यूज़ मीडिया टीम देवरिया ने पाया कि अस्पताल का एक्स-रे कक्ष बंद था और संबंधित रेडियोलॉजिस्ट मौके पर मौजूद नहीं मिले। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक्स-रे कक्ष अक्सर बंद रहता है और मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है। अस्पताल में कुल आठ कर्मचारियों की नियुक्ति बताई गई है, जिनमें दो मेडिकल ऑफिसर, एक वार्ड बॉय, एक स्टाफ नर्स, एक स्वीपर, एक डेंटल कर्मी, एक पैथोलॉजी कर्मी और एक एक्स-रे रेडियोलॉजिस्ट शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान स्टाफ उपस्थिति रजिस्टर की जांच में एक मेडिकल ऑफिसर की अग्रिम (एडवांस) उपस्थिति दर्ज मिली। पूछे जाने पर संबंधित चिकित्सक ने बताया कि उन्हें दो स्थानों पर ड्यूटी करनी पड़ती है, इसलिए वे पहले से हस्ताक्षर कर देते हैं। स्टाफ नर्स ने बताया कि अस्पताल में प्रसव के मरीज तो आते हैं, लेकिन ऑक्सीजन, ऑपरेशन थिएटर (ओटी), पर्याप्त बेड और आवश्यक संसाधनों का अभाव है। उनका कहना था कि इस संबंध में कई बार विभाग को पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। डेंटल विभाग के कर्मचारी ने भी स्वीकार किया कि दंत चिकित्सा से संबंधित अधिकांश उपकरण खराब पड़े हैं, जिसके कारण मरीजों को केवल प्राथमिक सलाह देकर वापस भेजना पड़ता है। स्वीपर ने बताया कि अस्पताल में पानी की समुचित व्यवस्था तक नहीं है और उन्हें बाहर से पानी लाकर सफाई कार्य करना पड़ता है। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की इमारत भी जर्जर अवस्था में मिली। कई कमरों में गंदगी, टूटी-फूटी कुर्सियां, खराब पंखे, अव्यवस्थित बेड और अन्य संसाधनों की कमी दिखाई दी। कई स्थानों पर छत से पानी टपकने के दृश्य भी कैमरे में कैद हुए, जिससे भवन की सुरक्षा और मरीजों की सुविधा पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए। यह पूरा मामला दर्शाता है कि शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दावों के बावजूद कई स्थानों पर व्यवस्थाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू होती नहीं दिख रहीं। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर जांच कराते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों तक ही सीमित रह जाता है। सरकार एवं मेडिकल प्रशासन लाख जतन करले परंतु फाइलों में ही सीमित कर रह जा रहा है जबकि धरातल पर कुछ और ही दिख रहा है। देवरिया से नेक्स्ट अपडेट न्यूज़ की रिपोर्ट

1 likes
0 comments0 shares