गोरखपुर के अस्पतालों में लूट और लापरवाही का खेल: जनता मांग रही

गोरखपुर के अस्पतालों में लूट और लापरवाही का खेल: जनता मांग रही इलाज, कब जागेगा स्वास्थ्य महकमा? उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक जी, कभी-कभी गोरखपुर के अस्पतालों पर भी अपनी नजर डाल लिया करिए। हो सकता है कि आपके वीआईपी चश्मे से आपको जमीन पर चल रहा बहुत कुछ गलत होता दिख जाए। आज गोरखपुर के सरकारी अस्पतालों की हकीकत यह है: मरीज परेशान, डॉक्टर गायब: अस्पताल परिसर में डॉक्टर अपनी कुर्सियों से नदारद हैं और पूरा इलाज संविदा कर्मियों और स्टाफ के भरोसे चल रहा है। आयुष्मान के नाम पर 'लूट': गरीब मरीजों को जिस आयुष्मान योजना का भरोसा दिया गया था, जमीनी हकीकत में उसी आयुष्मान और ऑपरेशनों के नाम पर दलालों और भ्रष्ट तंत्र द्वारा खुली लूट मची है। भाषण नहीं, एक्शन चाहिए: जनता अब आपके दावों और लंबे-चौड़े भाषणों से थक चुकी है, उसे अस्पतालों में इलाज चाहिए। बड़ा सवाल: जब बदहाली की तस्वीरें सबके सामने साफ हैं, तो सख्त कार्रवाई धरातल पर क्यों नहीं दिखती? गोरखपुर के अस्पतालों की यह हालत अब सिर्फ चिंता का विषय नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य सिस्टम पर एक बड़ा सवाल बन चुकी है। उम्मीद है माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी इस गहरी नींद से जागेंगे और गरीबों को इस 'लूट तंत्र' से निजात दिलाएंगे!