Bansgaon Sandesh
Login
Ram Prakash Kasaudhan
Gorakhpur११ मिनट पहले

गैस सिलेंडर के बाद डीजल-पेट्रोल का संकट गहराया, कहीं ताले तो कहीं

गैस सिलेंडर के बाद डीजल-पेट्रोल का संकट गहराया, कहीं ताले तो कहीं

गैस सिलेंडर के बाद डीजल-पेट्रोल का संकट गहराया, कहीं ताले तो कहीं सिर्फ पेट्रोल—किसान चिंतित सिकरीगंज (गोरखपुर): गैस सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे क्षेत्र में अब डीजल और पेट्रोल की भारी कमी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। सिकरीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन संकट गहराता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि कहीं पंपों पर ताले लटक रहे हैं, तो कहीं सिर्फ पेट्रोल ही उपलब्ध है। महदेवा बाजार स्थित पेट्रोल पंप पर सुबह से ही डीजल और पेट्रोल दोनों पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं, जिसके चलते पंप बंद कर दिया गया है। वहीं ढेबरा बाजार और हरदत्तपुर स्थित पेट्रोल पंपों पर डीजल की भारी किल्लत है और केवल पेट्रोल ही उपलब्ध कराया जा रहा है। पेट्रोल पंपों पर गैस सिलेंडर की तरह लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। डीजल की सबसे अधिक कमी होने के कारण किसानों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस समय गेहूं की फसल कटाई और मड़ाई का कार्य चल रहा है, जो पूरी तरह डीजल पर निर्भर है। ऐसे में डीजल न मिलने से कृषि कार्य प्रभावित होने लगा है। क्षेत्रीय किसान विनोद यादव ने बताया कि पहले से ही गैस सिलेंडर न मिलने के कारण लोग लकड़ी पर खाना बनाने को मजबूर हैं। अब डीजल की कमी से गेहूं की कटाई और मड़ाई पर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर मड़ाई नहीं हो पाई, तो लोगों को अनाज के लिए भी संकट झेलना पड़ सकता है। इस संबंध में पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि जो भी डीजल और पेट्रोल उपलब्ध हो रहा है, उसका वितरण किया जा रहा है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर गैलन, डिब्बा या ड्रम में ईंधन देने पर रोक लगा दी गई है, और केवल वाहनों में ही ईंधन भरा जा रहा है। डीजल-पेट्रोल की बढ़ती किल्लत पर स्थानीय लोगों—राजू, अशोक, विनय, अजय, विक्की और रोहित—ने गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही डीजल की पर्याप्त आपूर्ति नहीं की गई, तो खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित होगी और आने वाले समय में अनाज की कमी भी हो सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर समस्या को तत्काल संज्ञान में लेकर ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए, ताकि आम जनजीवन और कृषि कार्य सुचारू रूप से चल सकें।

0 likes
0 comments1 shares