जखनियां में वामपंथी नेताओं का हल्ला बोल: 15 सूत्री मांगों को लेकर

जखनियां में वामपंथी नेताओं का हल्ला बोल: 15 सूत्री मांगों को लेकर निकाला भव्य जुलूस, तहसील को घेरा, दिए पत्रक पुलीसिया उत्पीड़न से आम जनता असुरक्षित हो गई सरेआम हमला हो रहा जखनियां (गाजीपुर): उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के बैनर तले सोमवार को सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पुलिसिया उत्पीड़न और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भव्य जुलूस निकाला। वामपंथी नेताओं ने दोपहर 1 बजे तहसील मुख्यालय पहुंचकर उच्च अधिकारियों व जिलाधिकारी को संबोधित 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उपजिलाधिकारी अतुल कुमार को सौंपा। यूनियन ने स्पष्ट किया कि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान न होने पर जखनियां तहसील का पूर्ण घेराव किया जाएगा। गरीबों, दलितों और मुसहर परिवारों की आवाज बुलंद प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने गरीब, दलित, मुसहर और वनवासी परिवारों की मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन में मांग की गई कि: बेघर मुसहर परिवारों को आवासीय पट्टा तथा खेती के लिए दो एकड़ भूमि दी जाए। वर्ष 2003 से 2005 के बीच निरस्त किए गए पट्टों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें बहाल किया जाए। राशन वितरण में कथित कटौती बंद हो तथा अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्ड की समस्याओं का समाधान किया जाए। आधार, निर्वाचन कार्ड और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में हो रही अवैध वसूली पर रोक लगे। 55 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र व्यक्तियों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाए। तानाशाही और दोहरे कानून के खिलाफ फूटा गुस्सा सभा को संबोधित करते हुए खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार ने कहा, "देश में महंगाई, बेरोजगारी और पुलिसिया उत्पीड़न से जनता त्रस्त है। लोकतंत्र में दो तरह के कानून चलाए जा रहे हैं। निष्पक्षता खो चुके चुनाव आयोग के खिलाफ देशभर में विरोध है, ऐसे में चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना चाहिए।" इस विरोध प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष कामरेड विजय बहादुर सिंह, मंत्री राम अवध राम, वीरेंद्र गौतम, सुरेंद्र राम, संजय विश्वकर्मा, शीला देवी, मीरा देवी और उर्मिला देवी सहित भारी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल रहे।