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Balram Singh
Fatehpurलगभग १ घंटा पहले

कल्यान' की 'प्रतिमा' के 'सहारे' सदर सीट में 'कल्याण' का रास्ता ढूंढ रही 'भाजपा'

कल्यान' की 'प्रतिमा' के 'सहारे' सदर सीट में 'कल्याण' का रास्ता ढूंढ रही 'भाजपा'

'कल्यान' की 'प्रतिमा' के 'सहारे' सदर सीट में 'कल्याण' का रास्ता ढूंढ रही 'भाजपा' लोधी बाहुल्य क्षेत्र धरियांव गांव में लगाई गई पूर्व मुख्यमंत्री की प्रतिमा! विक्रम सिंह ने सदर सीट पर दो बार खिलाया कमल,2022 में चंद्र प्रकाश लोधी ने दौड़ाई साइकिल! जातीय समीकरणों के फेर में फंसी भाजपा नहीं लगा पाई थी सदर सीट में हैट्रिक! सपा का पीडीए फार्मूला बिगाड़ रहा गणित,सजग एवं ससंकित है भाजपा! पीडीए के त्रिकोण में फंस कर नगरपालिका सदर,विधानसभा व लोकसभा गवां चुकी है भाजपा! कल्याण सिंह की प्रतिमा को सपा के पीडीए की काट के रूप में देख रही बीजेपी! सदर सीट में बड़ी संख्या में है लोधी मतदाता,सेंध मारने की जुगत में सत्ताधारी! युवाओं के बीच लोकप्रिय,बेहतरीन वक्ता हैं विक्रम तो सरल सौम्य स्वभाव के माने जाते हैं चंद्र प्रकाश! बीते जनवरी माह में सदर विधानसभा के थरियांव गांव तिराहा में पूर्व मुख्यमंत्री बाबू कल्याण सिंह की लगाई गई प्रतिमा को लेकर भले ही उनके प्रति सम्मान का भारतीय जनता पार्टी दम्भ भर रही हो लेकिन हकीकत में सदर विधानसभा में बड़ी तादाद में लोधी मतदाताओं को अपने पाले में रखने को लेकर सोंची समझी रणनीति की बड़ी कवायद का नतीजा है। सपा का पीडीए फॉर्मूला भाजपा को भारी पड़ रहा है।सदर सीट के अलावा नगरपालिका परिषद फतेहपुर की अध्यक्षी,लोकसभा का चुनाव हांथ से निकल गया। सपा एक बार फिर पीडीए को ही आजमाने की तैयारी में है।सपा जहां पिछड़ा,दलित एवं मुस्लिम मतदाताओं के सहारे '2027'में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपना कब्जा बरकरार रखना चाहेगी वहीं लोधी बाहुल्य वाले क्षेत्र में कल्याण सिंह की प्रतिमा के सहारे लोधी मतदाताओं को अपने से जोड़ कर भाजपा सदर सीट में कल्याण का रास्ता ढूंढ रही है। दावे-वायदे कुछ भी किए जाते हों लेकिन फतेहपुर में चुनाव जातीय समीकरणों के आधार पर ही लड़ा जाता रहा है। सपा ने लोकसभा चुनाव के पहले पीडीए की जो आवाज बुलंद की वह बदस्तूर जारी है। पिछड़ों के बड़े वोट बैंक के साथ-साथ मुस्लिम एवं दलित मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित कर 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी साइकिल की रफ्तार तेज करना चाहती है यहां जो आंकड़े बता रहे हैं उनमें नगरपालिका परिषद फतेहपुर का चुनाव भी पिछड़ा,दलित और मुस्लिम के त्रिकोण के आगे भाजपा का हर अस्त्र-शस्त्र बेकार हो गया और यहां सपा को ही चुनावी फतह हासिल हुई।लोकसभा चुनाव में नरेश उत्तम पटेल ने दो बार की सांसद साध्वी निरंजन ज्योति को शिकस्त देने में सफलता पाई। राजनीतिक पंडित इस करिश्मे को पीडीए फार्मूला की बड़ी जीत मान रहे हैं। एक बार फिर विधानसभा चुनाव की आहट शुरू हो गई है। आंकड़े बताते हैं कि सदर सीट में समाजवादी पार्टी की पूर्ण बहुमत की बनीं 2012 की सरकार में विधायक रहे सैय्यद कासिम हसन की आकस्मिक मौत के बाद भाजपा ने विक्रम सिंह को 2014 के उप चुनाव में टिकट दिया।36.36फ़ीसदी मत हासिल कर उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के जितेंद्र लोधी को 12655 मतों से पराजित किया। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सैयद कासिम हसन के पुत्र आबिद हसन को 50308 मत ही हासिल हो सके।वह तीसरे नंबर पर रहे जबकि विक्रम सिंह ने 71264 मत प्राप्त किये। विक्रम सिंह की जीत बीजेपी में जहां ऊर्जा पैदा करने वाली थी वहीं सपा के लिए प्रत्याशी की हार सदमां देने वाली रही। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर विक्रम सिंह को ही अपना प्रत्याशी बनाया और उन्होंने 89481मत पाकर सपा के चंद्र प्रकाश लोधी को 31498मतों से पराजित किया।चंद्र प्रकाश लोधी को 57983 मत हासिल हो सके। ये वह दौर था जब भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में पूरे सबाब पर थी।विक्रम सिंह युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय नेता हैं।वे पढ़े लिखे,जुझारू एवं अच्छे वक्ता भी हैं।आमजन के बीच संवाद स्थापित कर अपनी बात को लोगों तक पहुंचाने की उनके अंदर कला है। सदर सीट पर जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए सपा ने '2022' के चुनाव में पुनः चंद्र प्रकाश लोधी को मैदान में उतारा और भाजपा से विक्रम सिंह उम्मीदवार के रूप में दूसरी बार उतरे।लोधी,मुस्लिम,यादव एवं अन्य पिछड़े मतदाताओं के सहारे अपने सहज एवं सरल स्वभाव के चलते अधिवक्ता चंद्र प्रकाश लोधी को मतदाताओं ने जीत का सेहरा बांध दिया। चंद्र प्रकाश 96839 मत लेकर भाजपा प्रत्याशी विक्रम सिंह से 8601मतों से चुनाव जीतने में सफल रहे।विक्रम सिंह को 89481मत हासिल हुए।'2022' का चुनाव एकतरफा तो नहीं रहा लेकिन जातीय त्रिकोण में सपा ने संघर्ष के बीच जीत हासिल कर ली। प्रदेश की सत्ता में आसीन भाजपा समाजवादी पार्टी के पीडीए फार्मूले से सक्ते में है।पीडीए एवं संविधान की रक्षा के सपा के अस्त्र के आगे भाजपा का कोई भी दांव लोकसभा चुनाव में नहीं चल सका। सपा प्रत्याशी ने शानदार जीत दर्ज की।यह वही चुनाव था जिसने समाजवादी पार्टी के पीडीए फार्मूले को आधिकारिक रूप पर स्वीकृति प्रदान कर दी। अब एक बार फिर विधानसभा चुनाव की ओर राजनीतिक दल बढ़ चले हैं। जातीय समीकरणों के सहारे सपा,भाजपा हर जुगत जुगाड़ में लगे हुए हैं। सदर विधानसभा में 65 हजार के करीब लोधी मतदाता हैं जो पिछले चुनाव में सजातीय होने के चलते ज्यादातर सपा प्रत्याशी के साथ चले गये जो भाजपा प्रत्याशी की हार का एक कारण बना। लोधी मतदाताओं के खालीपन को भरने के लिए एक बार फिर भाजपा ने पूरे जोशो-खरोश के साथ हर हंथकंडा अपनाना शुरू कर दिया है। नतीजतन लोधी मतदाताओं के बाहुल्य वाले क्षेत्र थरियांव गांव तिराहा में प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल,क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल,जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव,पूर्व जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल,प्रमोद द्विवेदी सहित कद्दावर भाजपा नेताओं की मौजूदगी में सदर से दो बार विधायक रहे विक्रम सिंह की पहल पर लोधियों के एकमात्र नेता रहे पूर्व मुख्यमंत्री बाबू कल्याण सिंह की प्रतिमा का अनावरण कराया गया। बात सीधी और सपाट है कि कल्याण की प्रतिमा के सहारे लोधी मतदाताओं के दिलों में सेंध कर सदर सीट में भारतीय जनता पार्टी कल्याण का रास्ता ढूंढ रही है।

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