जनता के भरोसे से विधायक बने सुरेंद्र चौरसिया, रामपुर कारखाना बनी देवरिया की विकास मिसाल

देवरिया, बांसगांव संदेश।कहते हैं कि जब इरादे मजबूत हों और लक्ष्य जनसेवा हो, तो बदलाव अपने आप दिखने लगता है। रामपुर कारखाना विधानसभा से भाजपा विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने इसी सोच के साथ राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया और आज उनका क्षेत्र देवरिया जिले में विकास की पहचान बन चुका है। एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मे सुरेंद्र चौरसिया ने बचपन से ही गांव की टूटी सड़कों, बिजली की समस्या, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को करीब से देखा। यही अनुभव आगे चलकर उनके लिए प्रेरणा बना। पढ़ाई के साथ-साथ समाज को समझना और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा। राजनीति में आने के बाद भी उन्होंने सत्ता को नहीं, बल्कि जनसेवा को प्राथमिकता दी। गांव-गांव जाकर संवाद, चौपालों में बैठकर लोगों की बात सुनना और बिना दिखावे के मदद करना उनकी कार्यशैली रही। इसी वजह से रामपुर कारखाना की जनता ने विधानसभा चुनाव में उन्हें ऐतिहासिक जनादेश देकर अपना प्रतिनिधि चुना। विधायक बनते ही सुरेंद्र चौरसिया ने क्षेत्र की तस्वीर बदलने का संकल्प लिया। सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण से लेकर गांवों को जोड़ने वाले मार्गों का जाल बिछाया गया। बरसात में टापू बनने वाले गांवों में अब साल भर आवागमन सुचारू है। बिजली व्यवस्था में भी व्यापक सुधार हुआ। नए ट्रांसफार्मर लगे, जर्जर लाइनें बदली गईं और आपूर्ति की अवधि बढ़ी, जिससे ग्रामीण जीवन के साथ-साथ व्यापार और शिक्षा को भी गति मिली। छोटी गंडक नदी पर महुआपाटन पुल और भटनी रेलवे पुल पर फ्लाईओवर का निर्माण वर्षों पुराना सपना था, जो विधायक के प्रयासों से साकार हुआ। इन पुलों के बनने से बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज और किसानों की बाजार तक पहुंच आसान हुई है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में रामपुर कारखाना में तीन महीने तक चले निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर ने मिसाल कायम की। करीब 52 हजार लोगों की आंखों की जांच हुई और जरूरतमंदों का निशुल्क ऑपरेशन कराया गया। इससे गरीब और बुजुर्ग लोगों को विशेष राहत मिली। शिक्षा को मजबूत भविष्य की नींव मानते हुए स्कूल भवनों का निर्माण, जर्जर विद्यालयों का कायाकल्प, शौचालय, पेयजल और फर्नीचर की व्यवस्था कराई गई। इससे क्षेत्र में शैक्षणिक माहौल लगातार बेहतर हो रहा है। सुरेंद्र चौरसिया की सबसे बड़ी पहचान उनकी सुलभता है। वे आम लोगों से सीधे मिलते हैं, शिकायतों को गंभीरता से लेते हैं और अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई कराते हैं। यही कारण है कि जनता उन्हें सिर्फ विधायक नहीं, बल्कि अपना प्रतिनिधि मानती है। भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। आवास योजना, उज्ज्वला, किसान योजनाएं, पेंशन जैसी सुविधाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया गया। आज देवरिया जिले की सातों विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों की बात होती है, तो रामपुर कारखाना अग्रणी नजर आती है। आने वाले समय में सड़क नेटवर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी नई योजनाओं के साथ इसे जिले का सबसे विकसित क्षेत्र बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। जनता का विश्वास, विकास की पहचान और ईमानदार नेतृत्व—रामपुर कारखाना आज इन्हीं मूल्यों का प्रतीक बन चुका है। इस बदलाव के केंद्र में भाजपा विधायक सुरेंद्र चौरसिया की संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक यात्रा साफ दिखाई देती है।