खेतों में किसानों के बीच पहुंची संकल्प यात्रा, प्रशांत त्रिपाठी ने सुनी समस्याएं

घघसरा/पाली। घघसरा-पाली क्षेत्र में भारत सरकार के अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट न्यायालय प्रशांत त्रिपाठी ने 'संकल्प यात्रा' का शुभारंभ करते हुए खेतों में पहुंचकर किसानों से संवाद किया। उन्होंने बिना चप्पल-जूते के खेतों में चलकर किसानों की समस्याओं को जाना और खेती की बढ़ती लागत, सिंचाई, विपणन व्यवस्था तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार की कमी जैसे मुद्दों पर चर्चा की। संवाद के दौरान किसानों ने बताया कि रोजगार के अभाव में उनके बेटे हैदराबाद, सूरत समेत अन्य महानगरों में पलायन करने को मजबूर हैं, जबकि वृद्ध माता-पिता अकेले खेती की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। प्रशांत त्रिपाठी ने कहा कि यह केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक चुनौती भी है। यात्रा के दौरान ग्रामीण परिवारों की बेटियों और बहनों के संघर्ष की भी सराहना की गई। उन्होंने कहा कि छात्राएं पढ़ाई के साथ घर और खेत की जिम्मेदारियां निभा रही हैं। इनके लिए स्थानीय स्तर पर सम्मानजनक रोजगार और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना समय की जरूरत है। प्रशांत त्रिपाठी ने कहा कि संकल्प यात्रा का उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि जनसहभागिता से उनके स्थायी समाधान की दिशा में काम करना है। स्थानीय उद्योग, कृषि आधारित उद्यम, स्वरोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देकर युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार उपलब्ध कराना प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि "सशक्त किसान, शिक्षित एवं स्वावलंबी युवा, सशक्त नारी और आत्मनिर्भर गांव ही विकसित भारत की वास्तविक आधारशिला हैं।" संकल्प यात्रा के माध्यम से किसान सम्मान, बेटियों के सशक्तिकरण, स्थानीय रोजगार और आत्मनिर्भर गांव का संदेश दिया गया।