जर्जर महुआ का पेड़ बना काल, बोलेरो पर गिरने से एक की

जर्जर महुआ का पेड़ बना काल, बोलेरो पर गिरने से एक की मौत प्रशासन और वन विभाग की लापरवाही पर ग्रामीणों में आक्रोश, सड़क पर लगा जाम गजपुर बाजार, गोरखपुर। गजपुर बाजार स्थित सियर मोड़ पर शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में जर्जर महुआ का विशाल पेड़ अचानक सड़क से गुजर रही बोलेरो पर जा गिरा। पेड़ के नीचे दबने से बोलेरो सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सियर मोड़ पर खड़ा महुआ का पेड़ काफी पुराना और जर्जर अवस्था में था। तेज बारिश और हवा के बीच अचानक पेड़ भरभराकर सड़क पर गिर पड़ा। पेड़ का भारी तना बोलेरो के ऊपर गिरने से वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि बोलेरो का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर वाहन में फंसे व्यक्ति को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पहले से जताई जा रही थी हादसे की आशंका स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सियर मोड़ पर खड़ा यह विशाल पेड़ लंबे समय से जर्जर हालत में था। इसकी सूखी और कमजोर डालियों को देखकर लोगों को हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती थी। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान ऐसे खतरनाक पेड़ों की ओर आकृष्ट कराया गया, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने घटना के लिए प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हादसे के बाद मचा हड़कंप, यातायात प्रभावित पेड़ गिरने की जोरदार आवाज के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के दुकानदार और ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। सड़क पर पेड़ और क्षतिग्रस्त बोलेरो पड़े होने के कारण आवागमन बाधित हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क किनारे खड़े अन्य जर्जर पेड़ों को लेकर भी चिंता जताई। कुछ समय के लिए मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीणों ने मांग की कि मृतक के परिजनों को उचित सहायता एवं मुआवजा दिया जाए तथा क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े जर्जर और संभावित रूप से खतरनाक पेड़ों का तत्काल सर्वे कराकर उन्हें हटाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते खतरनाक पेड़ों को चिन्हित कर कार्रवाई की गई होती तो इस तरह के हादसे को टाला जा सकता था। अब लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।