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Gorakhpur५ दिन पहले

प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालु कर

प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालु कर

प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालु कर रहे कथा का रसपान बेलघाट बांसगांव संदेश बेलघाट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर प्रांगण में नवनिर्मित राम दरबार मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीराम कथा के तृतीय दिवस पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा का रसपान कर रहे हैं। पूरा परिसर भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से गुंजायमान रहा। बेलघाट की पावन भूमि पर आयोजित यह कथा अब ऐतिहासिक स्वरूप लेती जा रही है। क्षेत्रवासियों के अनुसार इतनी विशाल संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता अपने आप में एक कीर्तिमान है। कथा व्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने भगवान के प्राकट्य प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि जब प्रभु अवतरित हुए तो देवताओं ने पुष्पवर्षा की और अयोध्या के निवासी दर्शन के लिए उमड़ पड़े। उन्होंने कहा कि भगवान की प्राप्ति के लिए किसी प्रकार के आडंबर की आवश्यकता नहीं है—“जैसे हैं, वैसे ही प्रभु की ओर बढ़ चलें।” भजन में स्वार्थ और व्यवहार में परमार्थ का संदेश देते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं को सच्ची भक्ति का मार्ग बताया। महाराज श्री ने भगवान की बाल लीलाओं का रसपूर्ण वर्णन करते हुए उनके सर्वांग मधुर स्वरूप का चिंतन कराया। वल्लभाचार्य कृत ‘मधुराष्टकम्’ के माध्यम से प्रभु के रूप-सौंदर्य का मनोहारी चित्रण किया गया। नामकरण संस्कार की महत्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि नाम संतों, शास्त्रों और विद्वानों के मार्गदर्शन से रखना चाहिए। “यथा नाम तथा गुणः” की उक्ति को स्मरण कराते हुए बताया कि महर्षि वशिष्ठ ने चारों भाइयों का नाम विशेष उद्देश्य से रखा था। विश्वामित्र के यज्ञ रक्षा प्रसंग का उल्लेख करते हुए महाराज जी ने कहा कि जीवन रूपी यज्ञ की रक्षा के लिए राम (सत्य) और लक्ष्मण (वैराग्य, त्याग, समर्पण) को साथ रखना आवश्यक है। अहिल्या उद्धार प्रसंग के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया कि जीवन में हुए पाप को छिपाने के बजाय गुरु-संतों के समक्ष स्वीकार करना ही कल्याणकारी है। कथा के दौरान “गंगा, गीता, गौरी और गायत्री” की महिमा का भी उल्लेख किया गया और इनके संरक्षण को राष्ट्रधर्म बताया गया। इसी क्रम में कथा स्थल पर राम भक्तों द्वारा श्रद्धालुओं के बीच हलवे के प्रसाद का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं में विनय शाही, रामचंद्र शाही, मदन शाही, सुशील शाही, दुर्गेश विक्रम, शिवेंद्र सिंह, विक्की, विशाल सिंह, आशीष सिंह, रंजन शाही, विजेंद्र सिंह, देवनाथ यादव, वेद प्रकाश श्रीवास्तव, रोहित शाही, रणधीर शाही, रानू, निलेश मिश्रा, योगेश मिश्रा, गिरजा शंकर मिश्रा, बलवंत मिश्रा, कौशल आनंद तिवारी, अशोक दुबे, रामचेत तिवारी, अनूप कुमार सिंह, कपिल मुनि यादव, राम रक्षा यादव, सुशील श्रीवास्तव, महेंद्र सिंह, गौरव मिश्रा, रोशन सिंह, श्याम मिश्रा, राजेश पांडे सहित सभी राम भक्तों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद वितरण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के आयोजक रणवीर शाही ‘चंचल’ ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं व्यवस्थापकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कथा के अंत में “जय श्रीराम” के जयघोष से संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।

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