कंपोजिट विद्यालय में बच्चों के आने जाने के लिए रास्ता नहीं। सहजनवा
कंपोजिट विद्यालय में बच्चों के आने जाने के लिए रास्ता नहीं। सहजनवा गोरखपुर जिस कंपोजिट विद्यालय में 190 बच्चे और 9 अध्यापक हो उस विद्यालय में आने जाने के लिए कोई भी रास्ता नहीं है ।बच्चे मेड के रास्ते से आते जाते हैं बरसात के समय में वह रास्ता कीचड़ से भर जाता है जिससे आना जाना मुश्किल हो जाता है ।बच्चो का सबसे प्रथम कार्य शिक्षा ग्रहण है शिक्षा से ही मानव का विकास होता है इस विकास के लिए सारी व्यवस्थाएं सुदृढ़ नहीं रहती है तो बच्चे शिक्षा किस तरह से ग्रहण कर सकते हैं ।यह सूचना पाली ब्लाक के ग्राम पंचायत माडर के प्रधान बिकेश साहनी द्वारा उप जिला अधिकारी को सूचना दिया गया है कि बच्चो आने जाने का रास्ता दिया जाय।कितना तहसील प्रशासन अमल करता है कि उस विद्यालय के रास्ते को देकर रास्ता बनवाने के लिए ग्राम प्रधान को आदेशित कर सकते हैं शिक्षा विभाग के अधिकारी मुक दर्शक बनकर बैठे हुए हैं क्या ब्लॉक के अधिकारी उस विद्यालय पर नहीं जाते हैं यदि जाते होते तो निश्चित ही रास्ते का ज्ञान रहता इसका मतलब है कि वह ब्लॉक स्तर के शिक्षा विभाग के अधिकारी कभी भी उस विद्यालय पर नहीं गए हैं ।तहसील प्रशासन के द्वारा रास्ते को दिया जाता है तो बच्चों को आने-जाने में सुविधा होगी।तहसीलदार सहजनवा से पूछ रहे पर आपने बताया कि देखते हैं यदि रास्ता होगा तो सीमांकन करवा देंगे जिससे सुविधा हो जाएगी।