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Pradhan Pravasi
Gorakhpur७ मिनट पहले

*बारिश थमते ही जल निकासी और सफाई व्यवस्था में जुटा नगर निगम*

*बारिश थमते ही जल निकासी और सफाई व्यवस्था में जुटा नगर निगम*

*बारिश थमते ही जल निकासी और सफाई व्यवस्था में जुटा नगर निगम* *नगर आयुक्त ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण* *अधिकारियों को फील्ड में रहकर जलभराव और सफाई व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश* गोरखपुर। पिछले तीन दिनों से लगातार हुई भारी बारिश के बाद रविवार को बारिश थमने पर नगर निगम प्रशासन ने जल निकासी और सफाई व्यवस्था को लेकर अभियान तेज कर दिया। 27 सितंबर को नगर आयुक्त ने सुबह आठ बजे से शहर के विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर जल निकासी की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने गोलघर, विजय चौक, सावित्री हॉस्पिटल, सुमेर सागर, धर्मशाला अंडरपास, बेतियाहाता स्थित मुंशी प्रेमचंद पार्क, ट्रांसपोर्ट नगर, आर्यन हॉस्पिटल वाली गली, चंपा देवी पार्क के बगल के क्षेत्र, गोरक्ष एंक्लेव के सामने स्थित कॉलोनियों तथा पाम पैराडाइज के पास स्थित रेगुलेटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल निकासी की स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों से मौके पर जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने सुबह 8:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शहर में जल निकासी की व्यवस्था की समीक्षा की। इसमें समस्त अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता, महाप्रबंधक जलकल, सभी जोनल अधिकारी, सफाई निरीक्षक तथा निर्माण एवं जलकल विभाग के अभियंता मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को फील्ड में रहकर स्थिति पर लगातार नजर रखने और जल निकासी से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बारिश के बाद नालों में बहकर आए कूड़े-कचरे और प्लास्टिक को तत्काल अभियान चलाकर हटाने के निर्देश भी दिए गए। नगर आयुक्त ने कहा कि सफाई के बाद संबंधित क्षेत्रों में चूना, मेलाथियान एवं एंटी लार्वा का छिड़काव अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि मच्छरों के पनपने और मलेरिया सहित जलजनित अन्य बीमारियों की संभावना को कम किया जा सके। जोनल अधिकारी, जोनल सेनेटरी अधिकारी और सफाई निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। साथ ही जलकल और निर्माण विभाग के अभियंताओं को जल निकासी से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए।

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