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Gorakhpurलगभग १ घंटा पहले

दिन में भी डर, रात में भी दहशत! गीडा के कैली गांव

दिन में भी डर, रात में भी दहशत! गीडा के कैली गांव

दिन में भी डर, रात में भी दहशत! गीडा के कैली गांव में चोरों का आतंक, घरों में कैद हुए ग्रामीण मोबाइल से बाइक और गहनों तक चोरी की घटनाओं से मचा हड़कंप—ग्रामीणों का आरोप, शिकायतों के बावजूद नहीं हुई सुनवाई; अब पलायन की चेतावनी वाले पोस्टरों से मचा हड़कंप गोरखपुर/गीडा। गीडा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कैली में इन दिनों चोरी की लगातार हो रही घटनाओं ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि बीते एक महीने में गांव में चोरी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। किसी के घर से मोबाइल गायब हुआ तो किसी की बाइक चोरी हो गई। इतना ही नहीं, एक ही परिवार को कथित तौर पर बार-बार चोरी का निशाना बनाए जाने की बात भी सामने आ रही है। चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच गांव में अब दिन के उजाले में भी डर और रात में दहशत का माहौल बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हालात ऐसे हो गए हैं कि रात में लोग चैन की नींद सोने के बजाय घरों की सुरक्षा को लेकर पूरी रात सतर्क रहने को मजबूर हैं। एक के बाद एक चोरी, ग्रामीणों में बढ़ता गया आक्रोश ग्रामीणों के मुताबिक गांव में लगातार चोरी की घटनाएं होने के बावजूद स्थिति पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। मोबाइल, बाइक और कीमती सामान चोरी होने की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब घरों में लगातार चोरी हो रही हो और चोरों का सुराग न लगे तो गांव में रहने वाला हर परिवार खुद को असुरक्षित महसूस करने लगता है। थाने के चक्कर लगाने का दावा, FIR को लेकर भी उठे सवाल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चोरी की घटनाओं के बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की और थाने के चक्कर भी लगाए, लेकिन कई मामलों में उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का सवाल है कि अगर लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं तो आखिर पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई कब होगी? उनका आरोप है कि कुछ मामलों में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। ‘अब गांव छोड़ने को मजबूर होंगे’—पोस्टरों ने बढ़ाई हलचल चोरी की घटनाओं से परेशान ग्रामीणों के बीच अब कथित तौर पर पलायन की चेतावनी वाले पोस्टर लगाए जाने की बात सामने आई है। पोस्टरों के सामने आने के बाद गांव की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि लगातार चोरी की घटनाओं पर रोक नहीं लगी और उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं हुई तो उनके सामने गांव छोड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। दिन हो या रात, डर के साए में गांव ग्रामीणों का कहना है कि पहले लोग रात में घरों के दरवाजे बंद कर निश्चिंत होकर सो जाते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। रात में किसी आहट पर लोग उठकर घर की जांच करने को मजबूर हैं। वहीं दिन के समय भी घरों की निगरानी को लेकर चिंता बनी रहती है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कैली गांव में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के पीछे कौन है? क्या पुलिस इन घटनाओं का खुलासा कर पाएगी? और क्या ग्रामीणों को जल्द सुरक्षा का भरोसा मिल सकेगा? कैली गांव में चोरी की घटनाओं और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों ने गीडा पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेती है और ग्रामीणों को भयमुक्त माहौल देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। पूरी कहानी अब पुलिस की कार्रवाई और जांच के अगले कदम पर टिकी है। वही प्रदर्शन करने वालों में हरिनाथ प्रसाद सरस्वती देवी, खुशबू बंगाली भारतीय पुष्प दीपक कुमार विष्णु कुमार माया कुमारी गंगोत्री देवी सीमा देवी मनीराम कलावती शारदा देवी रमेश भारती उषा देवी सुधा देवी सहित तमाम लोग मौजूद रहे

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