*दर दर भटकता रहा गरीब बुजुर्ग नहीं मिला न्याय* *लापता किशोरी का

*दर दर भटकता रहा गरीब बुजुर्ग नहीं मिला न्याय* *लापता किशोरी का मामला पहुंचा हाईकोर्ट। कोर्ट हुआ सख्त, एसपी को किया तलब* *तीन महीने बाद भी किशोरी की बरामदगी नहीं, तीन नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश* बहराइच।जरवलरोड थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी के लापता होने के मामले में पुलिस की कार्यशैली पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल नहीं करने पर न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक बहराइच को तीन नवंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एसपी को तीन सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को भी कहा है। मामला जरवल रोड़ थाना क्षेत्र के एक गांव का है। आरोप है कि किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में पुलिस ने शुरुआत में मारपीट, बेइज्जती करने और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के तीन महीने बाद भी न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी और न ही किशोरी को बरामद किया जा सका। पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट किशोरी के पिता ने न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक से व्यक्तिगत हलफनामा तलब किया। निर्धारित समय में हलफनामा दाखिल नहीं करने की स्थिति में एसपी को तीन नवंबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट की सख्ती के बाद भी नहीं बढ़ीं पुलिस की सक्रियता मामले में हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद विवेचना में किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। किशोरी की बरामदगी के लिए पुलिस की टीमें गठित किए जाने की भी बात कही गई है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी कैसरगंज डी के श्रीवास्तव ने कहा कि मामले में क्या कार्रवाई की जा रही है, इसकी जानकारी साझा नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।