*पितृपक्ष में भूखों के लिए खुला सेवा का दरवाजा* *मानवाधिकार संगठन सेवा

*पितृपक्ष में भूखों के लिए खुला सेवा का दरवाजा* *मानवाधिकार संगठन सेवा ट्रस्ट ने गरीबों, असहायों और राहगीरों को कराया भोजन* *आस्ताने से मंदिर, रेलवे स्टेशन तक पहुंची इंसानियत की थाली* गोरखपुर। पितृपक्ष के मौके पर जब लोग अपने पूर्वजों को श्रद्धा से याद कर रहे हैं, वहीं मानवाधिकार संगठन सेवा ट्रस्ट ने भूख से जूझ रहे गरीबों, असहायों और जरूरतमंदों के बीच भोजन पहुंचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की। दीवान बाजार स्थित संगठन के कार्यालय पर अध्यक्ष मोहम्मद रजी की अगुवाई में संगठन के साथियों ने अपने हाथों से भोजन तैयार किया और जरूरतमंदों तक पहुंचकर उन्हें भोजन कराया। सेवा का यह सिलसिला केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहा। संगठन के कार्यकर्ता धर्मशाला स्थित हजरत नक्कों शाह बाबा के आस्ताने, गोलघर काली मंदिर, यातायात चौराहा, रेलवे स्टेशन सहित विभिन्न स्थानों पर पहुंचे और गरीबों, असहायों तथा राहगीरों को भोजन कराया। इस दौरान जरूरतमंदों के चेहरों पर दिखाई दी राहत और संतोष की मुस्कान ने सेवा के इस प्रयास को और भी भावुक बना दिया। संगठन के अध्यक्ष मोहम्मद रजी ने कहा कि मानवाधिकार संगठन सेवा ट्रस्ट पिछले 10 वर्षों से लगातार समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। संगठन का उद्देश्य गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद करना तथा देश और समाज की खुशहाली एवं तरक्की में अपना योगदान देना है। उन्होंने कहा कि इंसानियत की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं और जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना ही संगठन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इस अवसर पर पूर्व मेयर डॉ. सत्या पांडेय, हसन जमाल बबुआ भाई, हाजी इरशाद अहमद, अनिल जायसवाल, मुशर्रफ अली, रजी अहमद, रियाजुद्दीन खान, चंद्रदेव सिंह, गुलाम सरवर, अरुण कुमार ब्रह्मचारी, शिवनारायण गुप्ता, शाहबाज, सलीमुल्लाह अंसारी, मोहम्मद अहमद, मिन्हाज सिद्दीकी, सिराज अहमद कुरैशी, कर्रार मिर्ज़ा, डॉ. जावेद अहमद, महिला विंग की अध्यक्ष अर्शी खान, सहित संगठन के अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।