शिक्षा, स्वास्थ्य, भविष्य को प्रभावित करता है बाल विवाह- अमरजीत सोनभद्र विकास

शिक्षा, स्वास्थ्य, भविष्य को प्रभावित करता है बाल विवाह- अमरजीत सोनभद्र विकास समिति एवं चाइल्ड राइट्स एंड यू के सहयोग से जनपद के नगवा ब्लॉक के ग्राम नन्दना मे बाल विवाह कुप्रथा को समाप्त करने के संकल्प को साकार बनाने के उद्देश्य से समुदाय स्तरीय संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था कार्यकर्त्ता अमरजीत ने बताया की बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि बच्चों के मौलिक और कानूनी अधिकारों का उल्लंघन भी है। बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक विकास को बाधित करता है। बाल विवाह बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, उज्जवल भविष्य को बाधित कर नकारात्मक प्रभाव डालता है। बाल विवाह मुक्त भारत के लिए जन जागरूकता संकल्प अभियान का आयोजन किया जा रहा है सोनभद्र विकास समिति के सचिव राजेश चौबे ने बताया कि 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान’ ने एक स्पष्ट और लक्ष्य केंद्रित रणनीति तय की है। इसके तहत स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों, उन धार्मिक स्थलों जहां विवाह संपन्न होते हैं, विवाह में सेवाएं देने वाले पेशेवर सेवा प्रदाताओं, और आखिर में पंचायतों व नगरपालिका वार्डों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि बच्चों के खिलाफ होने वाले इस सदियों पुराने अपराध को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। इस अभियान को तीन चरणों में बांटा गया है और इसका आखिरी चरण 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर समाप्त होगा। इसका पहले चरण में स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में जागरूकता के प्रसार पर जोर। वहीं दूसरे चरण में मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे जैसे धार्मिक स्थलों पर जहां विवाह संपन्न कराए जाते हैं व बैंक्वेट हाल और बैंड वालों, हलवाई जैसे विवाह में सेवाएं देने वालों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा हैं । तीसरे और आखिरी चरण बाल विवाह की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों, नगरपालिका के वार्डों और समुदाय स्तरीय भागीदारी और जिम्मेदारी को मजबूत किया जाएगा। इस मौके पर सोनभद्र विकास समिति से काउंसलर साधना सिंह, सामाजिक कार्यकर्त्ती रीना शर्मा, रेखा, रिमा, अमरजीत, दिनेश विश्वकर्मा, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ती, सहित समुदाय के लोग उपस्थित रहे।