दीपेंद्र शुक्ला हत्याकांड में सगे भाई सहित चार आरोपी बरी सात साल
दीपेंद्र शुक्ला हत्याकांड में सगे भाई सहित चार आरोपी बरी सात साल पहले गोली मारकर हुई थी युवक की हत्या* *जिला जज की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में किया बरी* ----------------------------------- सुल्तानपुर। दीपेंद्र शुक्ला की सात साल पूर्व गोली मारकर हुई हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार की अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में आरोपी सगे भाई रिंकू शुक्ला उर्फ रणविजय व राजू शुक्ला,उनके पिता रामचंद्र शुक्ला व सह आरोपी अजय शुक्ला को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। जिला जज के फैसले से हत्यारोपियों को बड़ी राहत मिली है। जयसिंहपुर थाने के सिसौड़ा गांव के रहने वाले वादी शिवशंकर शुक्ला ने 16 जून साल 2019 की सुबह करीब 5:30 बजे की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप के मुताबिक उनका बेटा दीपेंद्र शुक्ला शौच के लिए गांव के उत्तर तरफ स्थित तालाब पर गया था। इसी दौरान गांव के ही आरोपी अजय शुक्ला व एक बाल अपचारी ने वादी के पुत्र को पकड़ लिया और आरोपी रामचन्द्र के ललकारने पर आरोपी राजू शुक्ला ने दीपेंद्र के सीने में व आरोपी रिंकू ने हाथ में गोली मारकर उसकी हत्या कर दिया। मामले में वादी की तहरीर पर आरोपियो के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओ में मुकदमा दर्ज हुआ। तफ्तीश के दौरान एक आरोपी को बाल अपचारी पाया गया,जबकि शेष चार आरोपियो को जेल भेजने की कार्रवाई हुई और चार्जशीट भी पेश की गई। मामले का ट्रायल जिला जज की अदालत में चल रहा था। अभियोजन पक्ष ने आरोपियो को दोषी ठहराकर दंडित किये जाने की मांग की। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपियो को बेकसूर बताते हुए उन्हें गलत तरीके से फंसाने का तर्क पेश किया। अभियोजन पक्ष लगे आरोपो को साबित कर पाने में असफल रहा। नतीजतन अदालत ने चारो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया है।