मौदहा में कृषि भूमि पर कथित प्लाटिंग को लेकर उठे सवाल, जांच की मांग
मौदहा, हमीरपुर। मौदहा कस्बे में इन दिनों उपजाऊ कृषि भूमि पर कथित तौर पर प्लाटिंग का कारोबार तेजी से बढ़ने की चर्चा है। टीवी टावर रोड, पाटनपुर रोड सहित आसपास के क्षेत्रों में कृषि भूमि के छोटे-छोटे प्लाट काटकर बेचे जाने के आरोपों को लेकर स्थानीय लोगों में सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन उपजाऊ खेतों में किसान फसल उत्पादन करते हैं, उन्हीं क्षेत्रों में प्लाटिंग की गतिविधियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं। इससे भविष्य में कृषि योग्य भूमि के क्षेत्रफल में कमी आने की आशंका जताई जा रही है। मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कृषि भूमि पर नियमों के विपरीत प्लाटिंग की जा रही है तो संबंधित विभागों की ओर से जांच और कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। वहीं, यदि संबंधित भूमि पर आवश्यक अनुमति लेकर नियमानुसार प्लाटिंग की जा रही है तो प्रशासन को भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। टीवी टावर रोड से लेकर पाटनपुर रोड तक कथित प्लाटिंग को लेकर चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से राजस्व अभिलेखों की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि किन जमीनों पर प्लाटिंग की जा रही है। इसके साथ ही संबंधित भूमि का भू-उपयोग क्या है और क्या प्लाटिंग के लिए आवश्यक अनुमति एवं नियमों का पालन किया गया है, इसकी भी जांच की मांग की गई है। लोगों का कहना है कि यदि जांच में नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि सब कुछ नियमानुसार पाया जाता है तो प्रशासन को स्थिति स्पष्ट कर भ्रम की स्थिति दूर करनी चाहिए। अब प्रशासन के सामने बड़े सवाल उपजाऊ कृषि भूमि पर कथित प्लाटिंग की जांच कब होगी? नियमों की अनदेखी पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी? मौदहा क्षेत्र में कृषि भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन और प्लाटिंग की अनुमति की जांच कौन करेगा? स्थानीय लोगों ने मौदहा प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।