शिक्षक एमएलसी चुनाव में आचार संहिता का सख्ती से होगा पालन, नियमों

शिक्षक एमएलसी चुनाव में आचार संहिता का सख्ती से होगा पालन, नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई प्रचार सामग्री पर प्रिंटर का नाम-पता और छपाई की संख्या लिखना अनिवार्य मतपत्र पर अधिमान अंकित करने के लिए आयोग का पेन ही होगा मान्य, प्रत्याशियों को दिए निर्देश गोरखपुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन को निष्पक्ष, पारदर्शी और सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग ऑफिसर इंद्र विक्रम सिंह ने शनिवार को आयुक्त सभागार में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने सभी को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों, आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों और चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही स्पष्ट किया कि निर्वाचन के दौरान आयोग के नियमों का पालन करना सभी प्रत्याशियों और उनके अभिकर्ताओं की जिम्मेदारी है। बैठक में मंडलायुक्त ने प्रत्याशियों से मतदान अभिकर्ता और मतगणना अभिकर्ता नियुक्त करने के लिए निर्धारित प्रारूप पर आवश्यक सूचनाएं तत्काल उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए अभिकर्ताओं की नियुक्ति से संबंधित औपचारिकताएं समय से पूरी करना जरूरी है। इससे मतदान और मतगणना के दौरान संबंधित प्रतिनिधियों की भूमिका सुनिश्चित की जा सकेगी। मंडलायुक्त ने प्रचार सामग्री के प्रकाशन को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्याशियों की ओर से प्रकाशित कराए जाने वाले प्रचार पंपलेट और पोस्टरों पर प्रिंटर का नाम, पता तथा कितनी संख्या में सामग्री मुद्रित की गई है, इसका स्पष्ट उल्लेख होना अनिवार्य है। संबंधित प्रिंटिंग प्रेस को भी मुद्रण से संबंधित निर्धारित जानकारी अपने जिले के सहायक रिटर्निंग ऑफिसर अथवा जिलाधिकारी को नियमानुसार उपलब्ध करानी होगी। इसके लिए निर्धारित समयसीमा का पालन करना जरूरी है। नियमों की अनदेखी किए जाने पर भारत निर्वाचन आयोग के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने प्रत्याशियों को मतपत्र पर अपनी प्राथमिकता दर्ज करने की सही प्रक्रिया भी समझाई। मंडलायुक्त ने बताया कि मतदाता को निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए पेन से ही प्रत्याशियों के सामने अपनी अधिमानता अंकित करनी होगी। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय अंकों में 1, 2, 3 आदि अथवा रोमन अंकों में प्राथमिकता दर्ज की जा सकती है। निर्धारित प्रक्रिया से अलग किसी अन्य तरीके से मत देने पर मतपत्र अमान्य हो सकता है। इसलिए प्रत्याशियों और उनके अभिकर्ताओं को इस नियम की जानकारी मतदाताओं तक सही तरीके से पहुंचानी चाहिए, ताकि मतदान के दौरान किसी तरह की गलती से उनका मत निरस्त न हो। प्रचार अभियान के संबंध में मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रत्याशियों को प्रचार के लिए आवश्यक अनुमतियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दी जाएंगी। उन्होंने सभी प्रत्याशियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की प्रचार गतिविधि संचालित करने से पहले जरूरी अनुमति प्राप्त कर लें और आदर्श आचार संहिता का पूरी तरह पालन करें। निर्वाचन के दौरान ऐसी किसी गतिविधि से बचना होगा, जिससे आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हो अथवा चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका पैदा हो। बैठक में मतदेय स्थलों, मतदाताओं से संबंधित आवश्यक जानकारियों, निर्वाचन प्रेक्षक के ठहरने की व्यवस्था और आदर्श आचार संहिता सहित चुनाव से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मंडलायुक्त ने प्रत्याशियों और उनके अभिकर्ताओं को निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने में सभी पक्षों का सहयोग आवश्यक है। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने से मतदान और मतगणना के दौरान पारदर्शिता बनी रहेगी। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन को लेकर आयोजित इस बैठक का उद्देश्य प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों को चुनाव संबंधी नियमों से अवगत कराना तथा निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना रहा। बैठक में विधान परिषद के गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्याशी और उनके निर्वाचन अभिकर्ता उपस्थित रहे।