पराक्रम दिवस के रूप में मनाई गई नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती

मौदहा, हमीरपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाते हुए मानवाधिकार सुरक्षा एवं अपराध निरोधक संगठन की जिला इकाई द्वारा मौदहा स्थित छिमौली रोड आईटीआई के समीप माननीय कांशीराम कॉलोनी में एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के जिलाध्यक्ष सैय्यद शहबाज अली ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने नेताजी के जीवन, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति से जुड़े विचार साझा किए। जिलाध्यक्ष सैय्यद शहबाज अली ने कहा कि नेताजी का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक जिले में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1920 में आईसीएस परीक्षा उत्तीर्ण की, लेकिन देशसेवा को सर्वोपरि रखते हुए नौकरी त्याग दी। उन्होंने वर्ष 1939 में फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना कर स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। उनका प्रेरक नारा— “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा”— आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी कमलेश नामदेव ने नेताजी के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। वहीं वरिष्ठ सदस्य वहीद अहमद ने संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था गरीब, मजदूर, मजलूम, निराश्रित एवं असहाय वर्ग की सहायता के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम में संगठन के जिलाध्यक्ष (युवा मोर्चा) डॉ. सत्यहरी, इस्लामुद्दीन, जिलामहासचिव आसिफ शकील, लवलेश, अंकुश, शकील, कामता, देवकी, सुमित्रा, अंजलि, सल्लू सहित बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी उपस्थित रहे।