Bansgaon Sandesh
Login
Tapan Kumar Bose
Lucknow१५ दिन पहले

संपत्तिकर बकाया न जमा करने पर नगर निगम की सख्त कार्रवाई, नवीन

संपत्तिकर बकाया न जमा करने पर नगर निगम की सख्त कार्रवाई, नवीन

संपत्तिकर बकाया न जमा करने पर नगर निगम की सख्त कार्रवाई, नवीन गल्ला मंडी सीतापुर रोड का बैंक खाता सीज संपत्तिकर की वसूली के लिए पहले भी संबंधित संस्था को कई बार बिल एवं नोटिस जारी किए गए थे। इसके अलावा अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर बकाया राशि जमा करने के लिए भी कहा गया, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। नगर निगम ने संपत्तिकर की बकाया राशि जमा न करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाया है। अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव द्वारा जोन-6 स्थित नवीन गल्ला मंडी, सीतापुर रोड से संबंधित भवनों पर लंबे समय से बकाया संपत्तिकर की वसूली न होने पर मंडी समिति के बैंक खाते को सीज कर दिया गया है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार नवीन गल्ला मंडी सीतापुर रोड, लखनऊ के भवन संख्या जीबी/सीसी पर 31 मार्च 2026 तक कुल 42 लाख 36 हजार 118 रुपये संपत्तिकर बकाया है। वहीं, मंडी से जुड़े भवन संख्या 605/385 पर 22 लाख 57 हजार 922 रुपये की राशि बकाया है। इस प्रकार कुल मिलाकर करोड़ों रुपये के संपत्तिकर का भुगतान नगर निगम को अब तक नहीं किया गया है। नगर निगम द्वारा बताया गया कि बकाया संपत्तिकर की वसूली के लिए पहले भी संबंधित संस्था को कई बार बिल एवं नोटिस जारी किए गए थे। इसके अलावा अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर बकाया राशि जमा करने के लिए भी कहा गया, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। जनवरी 2026 में नवीन गल्ला मंडी कार्यालय द्वारा 19 जनवरी 2026 का 22 लाख रुपये का एक चेक व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा गया, जो बिना हस्ताक्षर का था। यह चेक न तो विधिसम्मत था और न ही नगर निगम कार्यालय में जमा कराया गया। इसके बाद भी संबंधित संस्था द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।लगातार लापरवाही को देखते हुए नगर निगम ने उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 506 से 509 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कड़ा निर्णय लिया। इसके तहत मंडी समिति सीतापुर रोड का बैंक खाता संख्या को तत्काल प्रभाव से अटैच/सीज कर दिया गया है। साथ ही इस खाते से किसी भी प्रकार के लेन-देन पर रोक लगा दी गई है।नगर निगम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि एक सप्ताह के भीतर बकाया संपत्तिकर की राशि नगर निगम कोष में जमा नहीं की जाती है, तो उक्त बैंक खाते से सीधे नगर निगम के खाते में राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। यह राशि नगर निगम के खाते में जमा कराई जाएगी।नगर निगम ने सभी संपत्ति स्वामियों और संस्थानों से अपील की है कि वे समय से अपना गृहकर एवं संपत्तिकर जमा करें, ताकि किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके और शहर के विकास में सहयोग मिल सके।

800 likes
0 comments0 shares