समाजसेवी निजामुद्दीन सिद्दीकी की अनोखी पहल: लगन और चंदे के सहारे किडनी

समाजसेवी निजामुद्दीन सिद्दीकी की अनोखी पहल: लगन और चंदे के सहारे किडनी पीड़ित युवक की जिंदगी बचाने का अभियान दुल्लहपुर/गाजीपुर। होली के रंगों के बीच इंसानियत की एक मिसाल दुल्लहपुर क्षेत्र में देखने को मिल रही है। दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के बड़ागांव उर्फ मुस्तफाबाद निवासी समाजसेवी निजामुद्दीन सिद्दीकी ने दोनों किडनी खराब होने से जूझ रहे युवक की जिंदगी बचाने के लिए अनोखी मुहिम शुरू की है। इस पहल में क्षेत्र के लोग आगे आकर चंदा जुटाकर पीड़ित परिवार की मदद कर रहे हैं। मामला दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के धर्मागतपुर गांव निवासी संदीप चौहान (21 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय राधेश्याम चौहान का है। संदीप अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। परिवार की आजीविका चलाने के लिए वह 8 फरवरी को काम की तलाश में गोवा गया था, जहां वह एसी बनाने वाली कंपनी में हेल्पर के रूप में काम करता था। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे घर लौटना पड़ा। घर आने के बाद परिजनों ने उसे मऊ के फातिमा हॉस्पिटल में दिखाया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उसकी दोनों किडनी खराब हो चुकी हैं। इसके बाद उसे वाराणसी के ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां से जांच के बाद उसे पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे डायलिसिस पर रखते हुए बताया कि इलाज में करीब 20 से 25 लाख रुपये का खर्च आएगा। यह खबर सुनते ही संदीप की मां सीसलावती चौहान और उसकी तीन बहनें रोशनी, सुष्मिता और अमृता सदमे में आ गईं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। न तो खेती है और न ही कोई अन्य आय का साधन। ऐसे में इलाज के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना उनके लिए असंभव हो गया। इसी बीच परिजनों ने समाजसेवी निजामुद्दीन सिद्दीकी से संपर्क किया। उन्होंने तुरंत संदीप के घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी और आर्थिक मदद के लिए लोगों से सहयोग की अपील शुरू की। उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर और ऑनलाइन स्कैनर जारी कर लोगों से अधिक से अधिक सहयोग करने की अपील की। समाजसेवी की इस पहल का असर भी दिखने लगा है। क्षेत्र के कई युवाओं और समाजसेवियों ने आगे आकर आर्थिक सहयोग देना शुरू कर दिया है। स्कैनर के माध्यम से अब तक अनेक लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार मदद पहुंचाई है। पीड़ित परिवार ने समाजसेवी निजामुद्दीन सिद्दीकी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी पहल से उन्हें नई उम्मीद मिली है। वहीं क्षेत्र के लोग भी उनके इस मानवीय कार्य की सराहना कर रहे हैं और संदीप की जिंदगी बचाने के लिए आगे आकर सहयोग कर रहे हैं