यज्ञ, अच्छे संस्कार और संतति की उत्पति का माध्यम - रामशरण दास

*बड़हलगंज सरयू तट पर पितर तृप्ति रुद्र महायज्ञ* जन निमंत्रण को पितर श्रद्धा जागरण रथ का शुभारम्भ देव आमंत्रण के साथ रुद्र महायज्ञ से जुड़ने का न्योता बड़हलगंज। सनातन संस्कृति के ग्रंथों में वर्णित "जिनके पितर तृप्त, उनकी संतति संतृप्त" की परिकल्पना को लेकर बड़हलगंज में मुक्तिपथ सरयू तट पर आगामी 11 से 17 अक्टूबर तक चिल्लूपार के विधायक राजेश त्रिपाठी के नेतृत्व में होने जा रहे पितर तृप्ति महायज्ञ के लिए जन जागरण और आमंत्रण के लिये पोस्टर, बैनर, स्टीकर, पंपलेट और पितर श्रद्धा जागरण रथ का शुभारम्भ वैदिक परम्परा के अनुसार निर्धारित शुभ मुहूर्त में किया गया। गुरुवार को नगर पंचायत बड़हलगंज के पौराणिक और ऐतिहासिक आस्था के केन्द्र पयहारी महाराज की कुटी (चरणपादुका) पर आयोजित जन आमंत्रण शुभारम्भ कार्यक्रम में महायज्ञ के मुख्यसंरक्षक, रंगमहल अयोध्या के पीठाधीश्वर रामशरण दास ने कहा कि सरयू तट पर पितरों की तृप्ति की लिए रुद्र महायज्ञ के आयोजन का संकल्प भगीरथ संकल्प जैसा है। इस महायज्ञ में शामिल होने और सहयोगी बनने वाले सभी पर पितर और देव दोनों की ही कृपा बरसेगी। यह यज्ञ पूरे क्षेत्र को संतति और वैभव से संतृप्ति का आशीर्वाद प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यज्ञ अच्छे संस्कार और संतति की उत्पति का माध्यम होता है। इसके पूर्व मुख्य यज्ञाचार्य पंडित ब्रम्हानंद दूबे की देख रेख में विद्वान ब्राह्मणों की टोली द्वारा वैदिक परम्परा के अनुसार पूजन अर्चन के पश्चात यज्ञ के आयोजन की सूचना जन जन तक पहुंचाने के लिये संचार माध्यमों ऑडियो वीडियो विजुअल्स, पोस्टर, बैनर और स्टीकर का लोकार्पण करने के साथ ही जन निमंत्रण को हल्दी, अक्षत और तुलसी पत्र के विशेष निमंत्रण के साथ पितर श्रद्धा जागरण रथ को रवाना किया गया। आयोजन समिति के संरक्षक सिद्धपीठ मदरिया के महंथ श्रीश दास ने कहा कि शास्त्रों में वर्णित है कि दस अश्वमेध यज्ञों के बराबर पुण्य किसी संत के चरणरज को प्राप्त करने पर मिलता है, यह क्षेत्र भाग्यशाली है कि पितर तृप्ति रुद्र महायज्ञ के माध्यम से सरयू तट पर महान संतो का कुम्भ लगेगा और हम सभी को उनकी चरणधूलि मिलने का सौभाग्य प्राप्त होगा। विधायक एवं महायज्ञ के मुख्य संयोजक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि जब पितर कुछ ठान लेते है तो भगवान भी उसे पूरा करने का मन बना लेते है। रुद्र महायज्ञ की संकल्पना और आयोजन किसी एक व्यक्ति का नहीं समूचे क्षेत्र की जनभावना और पितरों की इच्छा से हो रहा है। कार्यक्रम के पश्चात श्री त्रिपाठी ने संयोजक/चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर और अन्य साथियों के साथ तुलसीपत्र, अक्षत और हल्दी के वैदिक निमंत्रण से चरणपादुका, डीह स्थान, हनुमान गढ़ी, लेटाघाट सरयू तट पर देव निमंत्रण के पश्चात जन निमंत्रण का औपचारिक श्रीगणेश किया। बता दें कि पूर्व घोषणा के अनुसार यह कार्यक्रम चरणपादुका से धुरियापार शिवमन्दिर तक वाहनों के लम्बे काफिले के साथ प्रस्तावित था, लेकिन ईरान संकट के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तेल बचाने के प्रयासों के तहत वाहनों का उपयोग कम करने के आह्वान का समर्थन करते हुए यज्ञ के मुख्य संयोजक और विधायक चिल्लूपार राजेश त्रिपाठी ने महायज्ञ के निमित्त जन निमंत्रण हेतु पितर श्रद्धा जागरण रथ के शुभारम्भ के अवसर पर प्रस्तावित दो सौ चारपहिया और इतने ही दो पहिया वाहनों के काफिले को छोटा कर कुछ वाहनों के साथ ही यात्रा का शुभारम्भ कराया। इस अवसर पर पूर्व प्रमुख रामबेलास यादव, श्रीकांत सोनी, विधायक प्रतिनिधि वेद प्रकाश त्रिपाठी, भाजपा मंडल अध्यक्ष दुर्गेश मिश्रा, जन सेवा महामंत्री संतोष जायसवाल, अजीत राव, धीरेन्द्र तिवारी, मनमोहन पटवा, ओम प्रकाश यादव, व्यापारी नेता अशोक जायसवाल, श्रीनिवास सोनी, आनन्द त्रिपाठी, आलोक त्रिपाठी, अरविन्द दूबे, दीपक शर्मा, छोटेलाल यादव, सरोज रंजन शुक्ला, रवि साहनी, अष्टभुजा सिंह, प्रशांत शाही, राजू चन्द, तारकेश्वर शाही, शिवाजी सिंह, गुड्डू बाबा, लाल जी वर्मा, प्रकाशवीर जायसवाल, राजकुमार निगम, रमेश शाही, बबलू राय, गंगा तिवारी, कोतवाली प्रभारी सुनील कुमार राय सहित बड़ी संख्य में आयोजन समिति से जुड़े लोग मौजूद रहे।