डीएम दरबार में गूंजीं जनसमस्याएं, अफसरों को निर्देश—स्थायी समाधान दें, फरियादियों को न दौड़ाएं

हमीरपुर - जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए जिलाधिकारी अभिषेक गोयल द्वारा कलेक्ट्रेट में प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जनता दर्शन के अंतर्गत जनसुनवाई की जा रही है। सोमवार को भी जिलाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान राजस्व, विकास, विद्युत, सड़क, पेयजल, भूमि विवाद, राशन, पेंशन समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी गईं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रार्थना-पत्र को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। आवश्यकता के अनुसार तहसील एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को गूगल मीट के माध्यम से सीधे जोड़कर प्रकरणों की जानकारी ली गई और मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न किया जाए, बल्कि समस्या के मूल कारण की जांच कर उसका स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले फरियादियों को अनावश्यक रूप से तहसील, ब्लॉक अथवा कलेक्ट्रेट के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए अधिकारी स्थानीय स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों का प्रभावी समाधान करें। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का निस्तारण तहसील अथवा ब्लॉक स्तर पर संभव है, उन्हें अनावश्यक रूप से उच्च स्तर पर लंबित न रखा जाए। संबंधित अधिकारी स्वयं प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करें और शिकायतकर्ता को निस्तारण की स्थिति से अवगत कराएं। डीएम ने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि और समस्या का स्थायी समाधान ही शिकायत निस्तारण की वास्तविक कसौटी है। उन्होंने सभी तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को जनसुनवाई से संबंधित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा लंबित शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब न होने की चेतावनी दी। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई शासन की जनकल्याणकारी व्यवस्था का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रत्येक फरियादी की बात संवेदनशीलता और गंभीरता से सुनी जाए तथा उसे न्यायसंगत समाधान उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं स्थायी समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।