जिलाधिकारी ने विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश।

जिलाधिकारी ने विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश । कम्पोजिट विद्यालय में शिक्षक अनुपस्थित मिलने पर जिलाधिकारी ने जताई नाराजगी, बीईओ को दिए निर्देश। आंगनबाड़ी केंद्र पर 40 बच्चों की उपस्थिति दर्ज, मौके पर मिले मात्र 10 बच्चे। बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जिलाधिकारी ने दिया जोर । देवरिया 12 अक्टूबर। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आज बढ़या बुजुर्ग स्थित कम्पोजिट विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों, बच्चों की उपस्थिति और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। प्राथमिक विद्यालय बढ़या बुजुर्ग के निरीक्षण के दौरान शिक्षक एवं बच्चे उपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय में संचालित दैनिक प्रातःकालीन गतिविधियों का भी जायजा लिया। इसके साथ ही खेलकूद के उपकरणों की उपलब्धता, पीटीएम रजिस्टर, प्रत्येक कक्षा की डिजिटल उपस्थिति, रसोईघर तथा मध्याह्न भोजन से संबंधित रजिस्टर का निरीक्षण किया। कम्पोजिट विद्यालय बढ़या बुजुर्ग के निरीक्षण के दौरान बच्चे उपस्थित मिले, जबकि शिक्षक मौके पर उपस्थित नहीं थे। उन्होंने अनुपस्थित शिक्षकों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालय की नियमित निगरानी करने तथा व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र बढ़या बुजुर्ग का निरीक्षण किया। केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री उपस्थित मिलीं। अभिलेखों में 40 बच्चों की उपस्थिति दर्ज थी, जबकि मौके पर लगभग 10 बच्चे ही उपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने इस अंतर को गंभीरता से लेते हुए संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री को सहायिका के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बाल पेंटिंग एवं पहल पुस्तकों के माध्यम से बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को रोचक बनाने तथा उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री द्वारा पोषण ट्रैकर ऐप का संचालन कर उसके माध्यम से उपलब्ध सूचनाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने ऐप के माध्यम से बुधवार को आयोजित होने वाले सत्र, गर्भवती महिलाओं की संख्या तथा लाभार्थियों को दिए जा रहे पोषण संबंधी लाभों की जानकारी भी प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने बाल विकास परियोजना अधिकारी को आंगनबाड़ी केंद्र की नियमित निगरानी करने तथा व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ-साथ उनकी प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार किया जा सके।