जखनिया रेलवे स्टेशन मार्ग पर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी, जाम लगने पर

जखनिया रेलवे स्टेशन मार्ग पर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी, जाम लगने पर होगी कड़ी कार्रवाई जखनिया (गाजीपुर)। स्थानीय कस्बा जखनिया में रेलवे स्टेशन मार्ग एवं रेलवे की भूमि के आसपास बढ़ती भीड़ और यातायात बाधित होने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) मऊ की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रेलवे की भूमि पर आवंटित दुकानों के संचालकों सहित सड़क किनारे सब्जी, फल, ठेला एवं रेहड़ी लगाकर आजीविका चलाने वाले दुकानदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गएआरपीएफ मऊ के उपनिरीक्षक संजीव कुमार मिश्रा ने अपने हमराही प्रमोद कुमार एवं रामप्यारे के साथ क्षेत्र का भ्रमण कर दुकानदारों से कहा कि वे सड़क की पटरी एवं सार्वजनिक मार्ग पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क के किनारे दुकानें फैलाकर व्यवसाय करने से आमजन को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तथा अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।उपनिरीक्षक संजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि सब्जी मंडी एवं फल मंडी क्षेत्र में सड़क पर अतिक्रमण के कारण आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार जाम लगने से राहगीरों, विद्यार्थियों तथा वाहन चालकों को असुविधा होती है। इसी को देखते हुए दुकानदारों को लगातार जागरूक किया जा रहा है और अतिक्रमण न करने की हिदायत दी जा रही है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में सड़क पर अतिक्रमण के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न होती है तो संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बार-बार समझाने और चेतावनी देने के बावजूद यदि नियमों का उल्लंघन किया गया तो किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।आरपीएफ टीम ने दुकानदारों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे अपनी दुकानें निर्धारित सीमा के भीतर संचालित करें तथा सड़क और पटरी को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। इससे यातायात व्यवस्था सुचारु रहेगी और आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी।स्थानीय लोगों ने भी रेलवे सुरक्षा बल की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सड़क किनारे अतिक्रमण और अव्यवस्थित ढंग से लगने वाली दुकानों के कारण अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है। यदि सभी दुकानदार नियमों का पालन करें तो क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर हो सकती है।