*वनटांगिया गांव: यूपी का पहला गांव जहां महिलाएं खुद जांचती हैं पानी

*वनटांगिया गांव: यूपी का पहला गांव जहां महिलाएं खुद जांचती हैं पानी की गुणवत्ता, जांच के लिए बना है जलसखी समूह* यूपी का पहला ऐसे गांव हैं, जहां महिलाएं खुद पानी की गुणवत्ता जांचती हैं। कभी इस गांव के लोग पहचान के मोहताज थे। आज हर सुविधाएं मुहैया हैं। समूह की एक सदस्य को दिल्ली में 11 मार्च 2026 को जलसखी समूह की ज्योति को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने सम्मानित किया। गोरखपुर शहर से तकरीबन 12 किमी दूर जंगलों के बीच एक गांव है वनटांगिया, जंगल तिनकोनिया नंबर तीन। दो दशक पहले तक गांव के लोग पहचान के मोहताज थे। शिक्षा कोसों दूर थी और कमाई का सिर्फ एक जरिया मजदूरी। अब गांव के स्कूल में ही स्मार्ट क्लास हैं, जहां बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। लड़कियां टीचर और पुलिस में भर्ती होना चाहती हैं। महिलाएं अब मजदूरी और पत्तल के पुश्तैनी काम की जगह खुद का रोजगार करने लगी हैं। यह यूपी का पहला गांव भी है जहां हर घर में पानी की गुणवत्ता की जांच खुद महिलाओं की टीम करती है, जिसका नाम दिया गया है जलसखी। दिल्ली में 11 मार्च 2026 को जलसखी समूह की ज्योति को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने सम्मानित किया। ज्योति बताती हैं, गांव में 400 से ज्यादा लोग रहते हैं। गांव में पानी की बड़ी टंकी है, जिसके जरिये 26 दिसंबर 2025 से हर घर में शुद्ध पानी पहुंच रहा है। समूह में उनके अलावा चार और सदस्य नीतू, हिना, उर्मिला और मानसी हैं। सप्ताह में एक बार हर घर के पानी की जांच किट से करती हैं। इसमें क्लोराइड, आर्सेनिक, पीएच सहित 11 तरह की जांच शामिल हैं। अभी तक के जांच में सभी घरों में पानी शुद्ध मिला है। इसकी रिपोर्ट कोआर्डिनेटर को देते हैं।