गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करे सरकार : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी

चौरी चौरा गोरखपुर।गौमाता की रक्षा के उत्तर प्रदेश के सभी विधानसभा में यात्रा के लिए निकलें शंकराचार्य जी ने कहा कि प्रदेश सरकार गो माता को राज्य माता व केन्द्र सरकार राष्ट्र माता घोषित करे। और गौ माता को पशु की सूची से निकाल कर माता की सूची में शामिल करें सरकार।परमधर्माधिश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज ने क्षुब्ध होकर कहा कि गौमाता के प्राणों की रक्षा हेतु जितना यत्न भारत में हुआ अगर उतना प्रयास पाकिस्तान में भी होता तो वहां भी गौमाता के प्राणों की रक्षा सुनिश्चित कर उनको राष्ट्रमाता घोषित कर दिया जाता।लेकिन दुर्भाग्य कि भारत में सरकार के कानों पर जूं तक नही रेंग रही है।आखिर गौमाता को राष्ट्र माता एवं राज्य माता घोषित कर उनके प्राणों की रक्षा करने में सरकार के समक्ष क्या कठिनाई है? श्रीशंकराचार्य जी ने कहा गौमाता की रक्षा एवं प्रतिष्ठा के लिए सरकार को स्वयं सज्ञान लेकर कानून बनाना चाहिए था।जब लोकतंत्र में हर जगह बहुमत से निर्णय होता है तो गौमाता की रक्षा के लिए इस देश का बहुमत बार बार निवेदन कर रहा है फिर भी बहुमत की अवज्ञा करने का क्या कारण है?भारत में सभी सनातनी चाहते हैं कि गौमाता राष्ट्रमाता घोषित हों लेकिन स्वतंत्रता के 78 वर्ष व्यतीत होने के बाद भी हिंदुओं की आवाज को अनसुनी किया जा रहा है।अब समय आ गया है कि सनातनी राजनीति का प्रारंभ कर अपने गौमाता के प्राणों एवं सनातनी मूल्यों की रक्षा करें। पूर्व उद्घोषणा के अनुसार शंकराचार्य जी ने 3 मई से गोरखपुर से गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा का शुभारंभ किया।यह गविष्ठी यात्रा 403 विधानसभाओं से होकर गुजरेगी। इसी क्रम में यह गविष्ठि यात्रा आज इस स्थान पर पहुची। यात्रा के दौरान शंकराचार्य जी महाराज सनातनी जनता से संवाद स्थापित करके उनको गौरक्षार्थ श्रेष्ठ योगदान प्रदान करने हेतु प्रेरित कर रहे हैं।