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Anup Singh Rudrapur
Deoriaलगभग १ घंटा पहले

विधवा बुजुर्ग महिला को पुलिस ने 80 घंटे से 'हाउस किया अरेस्ट

विधवा बुजुर्ग महिला को पुलिस ने 80 घंटे से 'हाउस किया अरेस्ट

जमीन विवाद में न्याय मांगने पर उत्पीड़न का आरोप, उच्चाधिकारियों से लगाई गुहार देवरिया। जिले के भाटपार रानी तहसील क्षेत्र की एक विधवा बुजुर्ग महिला ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि पति की पैतृक जमीन पर कथित कब्जे की शिकायत करने के बाद उसे पिछले करीब 80 घंटे से घर में ही नजरबंद जैसी स्थिति में रखा गया है, जिससे वह मानसिक, शारीरिक और सामाजिक उत्पीड़न का शिकार हो रही है। जानकारी के अनुसार, फातिमा बेगम पत्नी स्वर्गीय इकबाल अहमद, निवासी ग्राम सोहनपुर, थाना बनकटा, जनपद देवरिया ने आरोप लगाया है कि उनके पति के हिस्से की भूमि पर पाटीदारों द्वारा कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने राजस्व अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन न्याय मिलने के बजाय उन्हें ही प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। पीड़िता का आरोप है कि स्थानीय पुलिस की लगातार निगरानी के कारण वह घर से बाहर नहीं निकल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि वह कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और नियमित दवा एवं उपचार की आवश्यकता है, लेकिन कथित रूप से लगाए गए प्रतिबंधों के कारण वह अस्पताल या बाजार तक नहीं जा पा रही हैं। इससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही है। बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया कि उनके पाटीदारों को क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, कुछ प्रशासनिक अधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों का संरक्षण प्राप्त है। उनके अनुसार, उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि वह भूमि विवाद के मामले में समझौता कर लें और अपनी शिकायत वापस ले लें। उन्होंने कहा कि समझौता न करने की स्थिति में उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि वृद्ध महिला पहले से ही तनाव और बीमारी से जूझ रही हैं। ऐसे में लंबे समय तक घर में सीमित रहने और प्रशासनिक दबाव के कारण उनकी स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यदि कोई नागरिक अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन और न्यायालय की शरण लेता है, तो उसे ऐसी परिस्थितियों का सामना क्यों करना पड़ रहा है। फातिमा बेगम ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा अन्य उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, कथित प्रतिबंध समाप्त कराने तथा भूमि विवाद में न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें न्याय की उम्मीद बेहद कम दिखाई दे रही है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि महिला के आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो यह मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली और नागरिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बन सकता है। वहीं, प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

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