भलुअनी थाने की बिजली व्यवस्था पर हाईकोर्ट सख्त, कड़ी नाराजगी जाहिर की
भलुअनी।बांसगांव सन्देश।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवरिया जिले के भलुअनी थाने की बिजली व्यवस्था और खराब पड़े जनरेटर पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। कोर्ट ने देवरिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से व्यक्तिगत हलफनामा तलब किया है। यह हलफनामा जनरेटर के लंबे समय से खराब होने और उसे ठीक न कराए जाने के संबंध में मांगा गया है।यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने 7 जुलाई 2026 को नागेंद्र कुमार यादव बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले की सुनवाई के दौरान पारित किया। कोर्ट ने भलुअनी थाने की सीसीटीवी हार्ड डिस्क को तत्काल सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति शुक्ला की खंडपीठ ने 7 जुलाई 2026 को नागेंद्र कुमार यादव बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले की सुनवाई के दौरान पारित किया। कोर्ट ने भलुअनी थाने की सीसीटीवी हार्ड डिस्क को तत्काल सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया है। न्यायालय के 25 जून के आदेश के अनुपालन में भलुअनी थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार पांडेय व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि 3 अप्रैल 2026 को बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण थाने के सीसीटीवी कैमरों का फुटेज नहीं देखा जा सका। नागेंद्र कुमार यादव लॉकअप में रखा गया था या नहीं। सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने बिजली न होने पर जनरेटर न चलाए जाने का कारण पूछा, तो थानाध्यक्ष ने बताया कि जनरेटर उपलब्ध है, लेकिन वह काफी समय से खराब है। इस पर कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस स्टेशन जैसे संवेदनशील संस्थान का बिजली के बिना संचालित होना और सरकारी जनरेटर का खराब पड़े रहना बेहद चिंताजनक है। खंडपीठ ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के संबंधित अधिशासी अभियंता को भी 3 अप्रैल 2026 को भलुअनी थाने में बिजली आपूर्ति की वास्तविक स्थिति का शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही, सीसीटीवी हार्ड डिस्क को तत्काल सुरक्षित रखने का आदेश दोहराया गया है ताकि उससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो सके। कोर्ट ने देवरिया के पुलिस अधीक्षक को अगली सुनवाई तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए पूछा है कि जनरेटर की मरम्मत के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई और बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि भलुअनी थानाध्यक्ष अगली सुनवाई पर भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।